कांगड़ा। विकास खंड कांगड़ा की सलाेल पंचायत के तहत नाले में फेंके गए सरकारी सीमेंट मामले में संबंधित विभाग लगभग पांच माह बाद भी खाली हाथ है। संबंधित विभाग आज तक यह पता नहीं लगा पाया है कि आखिर पंचायत में सरकारी सीमेंट के लगभग 120 बैग किसने फेंके। हालांकि पूर्व में रहे खंड विकास अधिकारी राजेश कुमार ने इस मामले की छानबीन के लिए एक टीम गठित की थी। दाे सदस्यीय टीम में पंचायत इंस्पेक्टर और जेई शामिल थे। टीम की ओर से 6 मई काे माैके पर जाकर फेंके गए सीमेंट के संबंध में छानबीन की गई थी।
पंचायत इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने कहा कि घटनास्थल पर जाकर जाे कार्य हुए हैं उनकी जानकारी तकनीकी सहायक से मांगी गई थी। उन्हाेंने ताे अपने कार्याें की पूरी डिटेल बनाकर साैंप दी पर जब माैका पर कार्याें काे देखा ताे कुछ कमी नजर आई। चेक डैम के लिए सीमेंट दिया गया था मगर अब तकनीकी सहायक से यह डिटेल मांगी है कि इस चेक डैम की नींव की खुदाई कितनी की है और उसमें नीचे कितने सीमेंट का प्रयाेग किया गया है। मेजरमेंट बुक में कार्याें काे पूरा कर दिया गया है। बता दें कि 11 मार्च काे सलाेल पंचायत के वार्ड-5 के साथ लगते नाले में लगभग 120 बैग सरकारी सीमेंट के फेंके गए थे जिसमें कुछ बैग सीमेंट के ठीक भी थे और कुछ खराब हाे चुका थे।
सलाेल पंचायत में सरकारी सीमेंट मामले की छानबीन पंचायत इंस्पेक्टर सुनील कुमार कर रहे हैं। इस बारे वह ही बता पाएंगे कि मामले की छानबीन कहां तक पहुंची है और छानबीन में क्या कुछ निकल सामने आया है।
-पारुल कटियार, खंड विकास अधिकारी कांगड़ा