चंबा। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पुलिस को साथ कूरियर डिलीवरी करने वाली कंपनी के स्टोर में 4490 नशीले कैप्सूल बरामद किए हैं। इन दवाइयों का न तो कोई बिल था और न ही डॉक्टर की पर्ची लगी थी। ऑनलाइन बिना पर्ची इन नशीली दवाइयों को मंगवाया गया था। इससे पहले कि ये कैप्सूल डिलीवर हो जाते, विभाग को इसकी सूचना मिली। दवा निरीक्षक और पुलिस टीम ने कंपनी के स्टोर में रेड कर इन कैप्सूलों को अपने कब्जे में लिया है। अब उन लोगों की पहचान की जा रही है, जिन्होंने ये कैप्सूल ऑनलाइन मंगवाए थे। इतना ही नहीं, बिना डॉक्टर की पर्ची ऑनलाइन नशीली दवाई बेचने वाली फार्मेसी कंपनी पर भी विभाग शिकंजा कसेगा।
स्वास्थ्य विभाग ने औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत मामला दर्ज करवाया है। इन दवाइयों को अब मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। इन कैप्सूलों की कीमत 46,000 रुपये आंकी गई है। अंदेशा जताया जा रहा है कि इतनी अधिक मात्रा में नशीली दवाइयां नशे के लिए इस्तेमाल की नीयत से मंगवाई जा सकती हैं। ऐसे में विभाग इस मामले में गंभीरता से जांच कर रहा है। इससे पहले भी विभाग कुछ लोगों को ऑनलाइन नशीली दवाइयां मंगवाने के आरोप में बेनकाब कर चुका है। उसके बावजूद भी जो लोग इस कारगुजारी को बंद नहीं कर रहे हैं। उनके खिलाफ अब कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी की जा रही है। विभाग के पास ऐसी सूचना है कि ऑनलाइन नशीले कैप्सूल मंगवाकर युवाओं को महंगे दाम पर बेचे जा रहे हैं। इससे युवा पीढ़ी नशे के दलदल में फंसती जा रही है।
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पुलिस की मदद से कूरियर कंपनी के स्टोर में नशीले कैप्सूल पकड़े हैं। जिन लोगों ने ऑनलाइन ये कैप्सूल मंगवाए थे, उनकी पहचान की जा रही है। ऑनलाइन नशीली दवाई मंगवाकर युवाओं को बेचने वालों पर कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। निशांत सरीन, राज्य सहायक दवा नियंत्रक