नगर परिषद नूरपुर की ईओ को ज्ञापन सौंपते हिंदू समाज के लोग। -संवाद
नूरपुर (कांगड़ा)। नागरिक अस्पताल नूरपुर के सामने स्थित जामा मस्जिद में कथित अवैध निर्माण का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। हिंदू समाज और विभिन्न संगठनों ने इसको लेकर कड़ा विरोध जताया है। बुधवार को हिंदू समाज के लोगों ने नगर परिषद नूरपुर की कार्यकारी अधिकारी को ज्ञापन सौंप कर जल्द उचित कदम उठाने की मांग की है।
विवादित स्थल नूरपुर अस्पताल के मातृ-शिशु अस्पताल की दीवार से सटा है। यहां कब्जा कर अवैध निर्माण के आरोपों के बाद क्षेत्र में रोष है। हाल ही में सोशल मीडिया पर मस्जिद में रह रहे मौलाना और हिंदू संगठनों के बीच बातचीत का वीडियो वायरल हुआ था। इसके बाद हिंदू समाज तथा विभिन्न संगठनों ने एकजुट होकर अवैध निर्माण को लेकर रोष प्रकट करते हुए नूरपुर प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर अवैध निर्माण को गिराने की मांग रखी थी।
चूंकि, नगर परिषद क्षेत्र में अनुमति के बिना यह निर्माण संभव नहीं था। इसी को मद्देनजर रखते हुए बुधवार को एक बार फिर हिंदू समाज के लोग नूरपुर नगर परिषद कार्यालय में पहुंचे और नगर परिषद की कार्यकारी अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर उचित कार्रवाई की मांग उठाई। ज्ञापन में विवादित स्थल को लेकर मामला प्रदेश उच्च न्यायालय में विचाराधीन होने का भी हवाला दिया है। उन्होंने मस्जिद के मौलवी की ओर से तथ्यों को छिपाकर नगर परिषद से पास करवाए नक्शे को भी खारिज करने की मांग उठाई है।
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम चेरिटेबल ट्रस्ट के सचिव अंकुश मेहरा ने कहा कि विवादित स्थल पर हाईकोर्ट ने 2017 में स्टे लगाया था। इसके बावजूद इस तथ्य को छिपाकर वक्फ बोर्ड की 2021 में जारी एनओसी के आधार पर नगर परिषद से नक्शा पास करवाया गया। यह पूरा मामला अपने आप में हैरान करने वाला है। इस पर नगर परिषद को त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए। इस मौके पर अंकुश, एडवोकेट सचित शर्मा, सभ्य लोहटिया, प्रवेश कुमार, संजय, अशोक कुमार, सुधीर, अनीश ठाकुर आदि मौजूद रहे।
उधर, नगर परिषद नूरपुर की कार्यकारी अधिकारी आशा वर्मा ने कहा कि मामले में राजस्व विभाग से मिलकर उक्त स्थल की निशानदेही करवाने के उपरांत उचित कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।