धर्मशाला। पुलिस मैदान धर्मशाला में आयोजित कांगड़ा वैली कार्निवल में संस्कृति, खेल और नारी सशक्तीकरण का भव्य संगम देखने को मिला। 24 से 31 दिसंबर तक चले आठ दिवसीय आयोजन ने न केवल कांगड़ा, बल्कि पूरे प्रदेश में अपनी एक अलग पहचान बनाई। इस वर्ष कार्निवल के आयोजन का समय विशेष रूप से सराहा गया। पूर्व में यह आयोजन सितंबर-अक्तूबर में होता था, लेकिन इस बार साल के अंतिम दिनों में इसे आयोजित करने का प्रशासनिक निर्णय पूरी तरह सफल साबित हुआ। क्रिसमस और नववर्ष के आगमन के अवसर पर धर्मशाला पहुंचे पर्यटकों के लिए यह कार्निवल आकर्षण का बड़ा केंद्र बना।
इसी को देखते हुए प्रदेश सरकार ने कांगड़ा वैली कार्निवल को वार्षिक कैलेंडर में शामिल करते हुए हर वर्ष आयोजन की अधिसूचना भी जारी कर दी है। कार्निवल के दौरान भव्य शोभायात्रा, मैराथन, क्रिकेट, साइकिलिंग, फुटबाल प्रतियोगिताएं, साहित्य उत्सव, ड्रोन शो, फैशन शो, शानदार आतिशबाजी और आठ दिन संध्याकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पंजाबी और पहाड़ी गीतों का लोगों ने खूब लुत्फ उठाया। इस आयोजन में खास आकर्षण रहा कांगड़ा का प्रसिद्ध झमाकड़ा नृत्य। इसमें करीब 2500 महिलाओं ने चिट्टे के खिलाफ अपनी शानदार प्रस्तुति दी।
यह आयोजन युवाओं के लिए नई ऊर्जा, पर्यटन कारोबारियों के लिए अवसर और महिलाओं के लिए सशक्तीकरण का माध्यम बना। विशेष रूप से स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को अलग से स्टॉल उपलब्ध करवाए गए, जिससे उन्हें अपने उत्पादों को प्रदर्शित और बेचने का मंच मिला। कुल मिलाकर कांगड़ा वैली कार्निवल ने पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय संस्कृति, खेल प्रतिभाओं और महिला सशक्तीकरण को नई दिशा दी और धर्मशाला को उत्सवों के शहर के रूप में स्थापित किया।
कांगड़ा वैली कार्निवल का आयोजन दिसंबर के अंतिम सप्ताह करवाने का निर्णय सही साबित हुआ। इस आयोजन से पर्यटन कारोबार को भी बढ़ावा मिला है। क्रिसमस और नववर्ष पर आए पर्यटकों के लिए यह आयोजन काफी बढ़िया रहा। सरकार की ओर से नोटिफिकेशन की गई है। अब यह आयोजन वार्षिक कैलेंडर में शामिल हो गया है।
-हेमराज बैरवा, उपायुक्त कांगड़ा