नूरपुर (कांगड़ा)। प्रदेश में विधानसभा चुनाव के सेमीफाइनल के तौर पर देखे जा रहे पंचायत चुनाव में प्रधान, उपप्रधान और वार्ड सदस्यों के नतीजों के बाद अब सबकी नजरें पंचायत समिति सदस्य (बीडीसी) और जिला परिषद (जिप) सदस्यों के चुनाव परिणाम पर टिक गई है। विकास खंड मुख्यालय नूरपुर के चार जिला परिषद और 25 पंचायत समिति सदस्य के पदों के लिए रविवार सुबह 9 बजे मतों की गिनती शुरू होगी।
जैसे-जैसे मत पेटियां खुलेंगी, प्रत्याशियों की चुनावी कुंडली बाहर आने लग जाएगी। इन चुनाव नतीजों पर आम जनता के अलावा प्रत्याशियों के साथ हलके के नेताओं की नजरें भी टिकी हुई है।
इसकी वजह है कि जिला परिषद सदस्य के लिए चुनावी दंगल में उतरे उम्मीदवारों को सियासी दलों ने बाकायदा पार्टी का सर्मथन प्रदान किया गया था बल्कि दोनों ही दलों के नेताओं ने अपने समर्थित प्रत्याशियों की जीत को सुनिश्चित बनाने के लिए खुलकर प्रचार भी किया है। ऐसे में रविवार को घोषित होने वाले चुनाव नतीजों को लेकर प्रत्याशियों के साथ-साथ दोनों दलों के नेता भी अपने हिसाब से जीत का गणित लगा रहे हैं।
जिला परिषद चुनाव को लेकर सबसे ज्यादा नजरें नूरपुर विस क्षेत्र के तहत आने वाले जिला परिषद सीटों (भलेटा, भड़वार, ममूह गुरचाल व बरंडा) पर टिकी है। यहां पर भाजपा के दो खेमों से चारों सीटों पर अलग-अलग उम्मीदवार चुनाव मैदान में आमने सामने है। इनके लिए एक तरफ विधायक रणवीर सिंह निक्का भाजपा समर्थित प्रत्याशियों की चुनावी नैया को पार लगाने के लिए चुनाव में पूरी तरह फील्ड में डटे रहे तो वहीं, पूर्व वन मंत्री राकेश पठानिया की फोटो लगाकर उनके समर्थक भी कड़ी चुनौती दे रहे हैं।
कांग्रेस की ओर से आधिकारिक तौर पर चुनाव मैदान में उतारे गए पार्टी समर्थित प्रत्याशियों के लिए जीत की राह बनाने में सत्तापक्ष ने भी कोई कसर नहीं रखी है लेकिन सबकी नजरें भाजपा के दोनों खेमों के उम्मीदवारों के चुनाव नतीजों पर टिकी हुई है, जो कि आने वाले समय में नूरपुर में भाजपा की सियासी कुंडली की दशा और दिशा तय करेंगे।