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Kangra News: कहीं टूटी टांग के साथ दोस्तों के कंधों पर पहुंचा जज्बा, कहीं अंधेरे को चीरकर डाली वोट

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कुछ भी हो वोट डाल दिया...धर्मशाला विधानसभा की मंदल पंचायत में पंचायतीराज चुनाव में युवाओं से
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धर्मशाला। सुबह आसमान में छाई काली घटाएं और रिमझिम फुहारें... लगा कि लोकतंत्र के इस महापर्व की रफ्तार आज कुछ धीमी पड़ जाएगी, लेकिन कांगड़ा के मतदाताओं के इरादों के आगे मौसम ने भी घुटने टेक दिए। जिला की 277 पंचायतों में शनिवार को ग्रामीण संसद के आखिरी चरण में जो नजारा दिखा, वह लोकतंत्र की सबसे खूबसूरत तस्वीर है।
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कहीं आंखों में गांव की खुशहाली के सपने तैर रहे थे, तो कहीं व्हीलचेयर और अपनों के कंधों का सहारा लेकर रेंगते कदम भी सिस्टम को मजबूत करने पोलिंग बूथ तक खिंचे चले आ रहे थे। जिला भर के विभिन्न मतदान केंद्रों से अमर उजाला की टीम की सीधी लाइव रिपोर्ट...
सुबह 7:15 बजे, पंतेहड़ पास्सू... मड़दाना दा बेहड़ा बूथ
सुबह-सुबह पोलिंग स्टेशन के बाहर विभिन्न प्रत्याशियों के समर्थकों का हुजूम जुटना शुरू हो चुका है। झंडे और बैनर लहरा रहे हैं। दो अलग-अलग कमरों में बनाए बूथों में मतदान शुरू तो हो गया, लेकिन रात को आए तूफान और बारिश के चलते यहां बिजली पूरी तरह गुल है। मतदाता अंधेरे कमरों में ही वोट डालने को मजबूर हैं। हालांकि कुछ ही देर बाद प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए रोशनी की वैकल्पिक व्यवस्था की।
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सुबह 7:25 बजे, जमानाबाद का अब्दुल्लापुर मतदान केंद्र
आसमान से हल्की बारिश की बौछारें गिर रही हैं, लेकिन ग्रामीण अंचल का वोटर डिगा नहीं। एक हाथ में छाता और दूसरे हाथ में पहचान पत्र थामे मतदाता मतदान केंद्र के बाहर कतारों में डटे हुए हैं। मौसम की तल्खी पर लोकतंत्र का उत्साह भारी पड़ता दिख रहा है।
सुबह 11:30 बजे, मंदल पंचायत का मसरेड़ स्कूल का बूथ
अब तोड़ धूप निकल चुकी है और पोलिंग बूथ पर मेला जैसा माहौल है। इसी बीच यहां दो बेहद खास तस्वीरें देखने को मिलीं। तीन-चार युवक अपने एक दोस्त को कंधों पर उठाकर बूथ के अंदर लाते हैं। युवक की टांग पर भारी-भरकम प्लास्टर चढ़ा हुआ है। पैर टूटने के बावजूद वोट डालने पहुंचे युवक ने मुस्कुराते हुए कहा कि वोट डालना मेरा अधिकार है। जब मैं इस हालत में आ सकता हूं तो स्वस्थ लोगों को घरों में नहीं बैठना चाहिए। पहली बार पोलिंग बूथ पर कदम रखने वाली दो सहेलियां तनिशा और अक्षिता के चेहरे की चमक देखने लायक थी। उंगली पर स्याही लगवाकर बाहर निकलीं युवतियों ने कहा कि पहला वोट डालकर हम बेहद रोमांचित हैं, हमने गांव की तरक्की के लिए बटन दबाया है।
दोपहर 1:30 बजे, राजकीय नर्सरी स्कूल पास्सू पंतेहड़
दोपहर होते-होते पोलिंग स्टेशन के बाहर रणनीतियों और नतीजों को लेकर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो चुकी है। गाड़ियों का आना-जाना लगा हुआ है, जिसमें युवा अपने घर के लाचार और बीमार बुजुर्गों को बड़े मान के साथ वोट दिलाने ला रहे हैं।
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