मटौर (कांगड़ा)। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की कांगड़ा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत मटौर में आयोजित जनसभा में दो ओबीसी नेताओं नरेंद्र चौधरी उर्फ निशु माेंगरा और पूर्व सीपीएस सुरेंद्र काकू के बीच सियासी वर्चस्व की जंग नजर आई। दोनों स्थानीय नेताओं ने मुख्यमंत्री के सामने 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए कांगड़ा विस क्षेत्र से अपनी दावेदारी के संकेत दिए। सुरेंद्र काकू पूर्व की वीरभद्र सिंह सरकार में मुख्य संसदीय सचिव रहे हैं तो वहीं निशु माेंगरा बीडीसी चेयरमैन रह चुके हैं और वर्तमान में कांगड़ा एपीएमसी के चेयरमैन भी हैं। वर्तमान में सुरेद्र काकू वर्तमान में नगरोटा से कांग्रेस विधायक एवं पर्यटन निगम के अध्यक्ष रघुवीर सिंह बाली तो निशु मोंगरा की गिनती जवाली से विधायक एवं सुक्खू सरकार में कृषि एवं पशुपालन मंत्री चंद्र कुमार चौधरी के करीबियों में होती है।
दोनों नेताओं ने अपने अंदाज में शॉल-टोपी, तलवार, भगवान की प्रतिमा और फूलों का बड़ा हार पहनाकर मुख्यमंत्री का मंच पर स्वागत किया। यही नहीं, जब मुख्यमंत्री जनसभा को संबोधित करने के लिए मंच पर पहुंचे तो निशु माेंगरा उनके दाएं तरफ खड़े हो गए। यह देख मंच पर बैठे पूर्व सीपीएस सुरेंद्र काकू भी उठकर जल्दी से मुख्यमंत्री के बाएं तरफ जाकर खड़े हो गए।
जनसभा में सबसे पहले मंच संभालते हुए कांगड़ा एपीएमसी के चेयरमैन और पूर्व में पंचायत समिति अध्यक्ष रहे नरेंद्र उर्फ निशु मोंगरा ने मुख्यमंत्री की ओर ईशारा करते हुए कहा कि कांगड़ा में पिछले 20 वर्षों से विकास का सूखा पड़ा है। पूर्व में रही सरकारों में किसनी ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया। इसलिए प्रदेश के मुख्यमंत्री के साथ ही आज से आप कांगड़ा के विधायक भी ही हैं। सूखे का यह दौरा खत्म हो। आपकी मेहनत के पसीने की खुशबू से प्रदेश महकने लगा है। अब आपके आशीर्वाद से कांगड़ा का सूखा खत्म होगा और विकास की नई ईबारत लिखी जाएगी।
इसके बाद मंच पर भाषण देने पहुंचे पूर्व सीपीएस चौधरी सुरेंद्र काकू ने कहा कि हर बार मेरा सियासी कत्ल हुआ, लेकिन कभी कोई गवाह नहीं मिला। कांगड़ा की तरह ही मुख्यमंत्री कार्यालय, शिमला सचिवालय उनका घर है, लेकिन मेरा विधानसभा का रास्ता नहीं बन पा रहा। उन्होंने कहा कि मुझे आज भी वो दिन याद हैं जब सुखविंद्र सिंह सुक्खू युवा कांग्रेस के अध्यक्ष थे और मैं कांगड़ा का अध्यक्ष। हम दोनों ने संगठन में रहकर कांग्रेस पार्टी का काम किया लेकिन, कभी इस बात का जनता के बीच ढिंढोरा नहीं पीटा। काकू ने भी कांगड़ा की समस्याएं मुख्यमंत्री के सामने उठाईं। दोनों ने अपने-अपने अंदाज में मुख्यमंत्री के सामने कांगड़ा विधानसभा क्षेत्र की जनता की मांगों का पिटारा खोला।
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सुक्खू बोले आप बोलते रहो मैं आपकी आवाज सुन रहा हूं...
दोनों नेता जब मंच पर एक-एक कर भाषण दे रहे थे तो दोनों के भाषण के दौरान पार्टी के कुछ कार्यकर्ता मंच पर मुख्यमंत्री से मिलकर बात कर रहे थे। इस पर निशु और काकू ने विरोध दर्ज करवाते हुए लोगों को टोका और कहा कि मुख्यमंत्री आज यहीं हैं और आप बाद में मिल लेना, पहले हमारी बात सुन लीजिए। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा, आप बोलते रहो मैं आपकी आवाज सुन रहा हूं। इस पर जनसभा में उपस्थित लोगों और मंच पर उपस्थित नेताओं और अधिकारियों ने भी खूब ठहाके लगाए।
मुख्यमंत्री के सामने दोनों नेताओं ने ये मु्द्दे उठाए-
कांगड़ा में जलशक्ति विभाग का अलग डिवीजन, कांगड़ा मंदिर के समीप माता बज्रेश्वरी सदन बनाने, रेहड़ी-फड़ी वालों के लिए उचित स्थान चिह्नित करने, चंगर क्षेत्र के खरट पुल, मटौर डिग्री काॅलेज में साइंस कक्षाएं और चौधरी हरि सिंह स्मारक का जीर्णोद्धार की मांग मुख्यमंत्री के समक्ष उठाई। वर्तमान में लोगों को पेयजल और सिंचाई समस्याओं के लिए 40 किलोमीटर दूरी शाहपुर जाना पड़ता है अगर कांगड़ा में जल शक्ति विभाग का अलग डिवीजन होगा तो समय की बचत होगा और काम में तेजी आएगी।
कांगड़ा विधानसभा के मटौर में आयोजित जनसभा में उपस्थित लोग। संवाद