धर्मशाला। मुख्यमंत्री और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक व अभद्र टिप्पणी करने के आरोपी को अदालत से सशर्त जमानत मिल गई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश देहरा सपना पांडेय की अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी पर कई कड़े प्रतिबंध लगाए हैं।
अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि आरोपी गवाहों को प्रभावित नहीं करेगा और प्रत्येक सुनवाई पर अदालत में उपस्थित रहेगा। साथ ही उसे अपना सोशल मीडिया अकाउंट पुलिस को उपलब्ध कराने और पासवर्ड में किसी भी बदलाव की जानकारी तुरंत देने के निर्देश दिए गए हैं। आरोपी को भविष्य में इस तरह का अपराध न करने और बिना अनुमति देश न छोड़ने की शर्त पर रिहा किया गया है।
मामले के अनुसार रक्कड़ निवासी व्यक्ति के खिलाफ 17 फरवरी 2026 को स्थानीय पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोप था कि उसने एक वीडियो के जरिए मुख्यमंत्री, उनकी पत्नी और बेटी के खिलाफ अश्लील और आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया था। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर 21 फरवरी 2026 को आरोपी को बद्दी के पास हरियाणा बॉर्डर से गिरफ्तार किया था।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि आरोपी अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य है और उस पर वृद्ध मां व बीमार पत्नी की जिम्मेदारी है। वहीं, राज्य पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी द्वारा की गई टिप्पणियां बेहद गंभीर हैं और बाहर आने पर वह दोबारा ऐसा कृत्य कर सकता है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद शर्तों के साथ जमानत याचिका स्वीकार की।