देहरागोपीपुर (कांगड़ा)। पूर्व मंत्री रमेश धवाला ने ज्वालामुखी में अवैध तरीके से काटे गए खैर के मोछे पकड़े जाने के मामले पर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब क्षेत्र में खैर के पेड़ काटने पर प्रतिबंध है तो इतनी बड़ी संख्या में पेड़ कैसे कटे। हालांकि धवाला ने इस मामले में आरओ ज्वालामुखी के अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सक्रियता से यह मामला उजागर हो सका है।
उन्होंने आरोप लगाया कि काफी समय पहले से कथोग से लेकर ज्वालामुखी तक कई पेड़ काटे जा रहे हैं। इसकी जांच होनी चाहिए। धवाला ने कहा कि आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण मिला हुआ है। सपड़ी से लेकर सुराणी तक पेड़ के कटे हिस्से देखे जा सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि किस राजनीतिज्ञ के दबाव पर कार्रवाई नहीं की जा रही है।