1241 निराश्रित बच्चों ने उठाया सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का लाभ
कौशल विकास, व्यवसायिक प्रशिक्षण तथा स्टार्ट अप पर करें विशेष फोक्स
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। सरकार की महत्वाकांक्षी सुखाश्रय योजना के तहत कांगड़ा में दस करोड़ रुपये की राशि व्यय करके 1241 निराश्रित बच्चों को संबल प्रदान किया है। शुक्रवार को डीसी कार्यालय में सुखाश्रय योजना की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि व्यवसायिक प्रशिक्षण के लिए 158 बच्चों को 41 लाख 19 हजार, कोचिंग के लिए तीन बच्चों को एक लाख 68 हजार, विवाह अनुदान के तौर पर 80 बच्चों को एक करोड़ 59 लाख, गृह निर्माण के लिए 122 बच्चों को एक करोड़ 22 लाख जबकि सामाजिक सुरक्षा के तहत 878 बच्चों को छह करोड़ 55 लाख की राशि दी गई है।
बैठक में उच्च शिक्षा व्यवसायिक प्रशिक्षण, विवाह अनुदान, गृह निर्माण तथा स्टार्ट अप के 58 लाख के 37 नए मामले भी स्वीकृत किए गए। उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि 18 से 27 आयु वर्ग के निराश्रित बच्चों को व्यवसायिक प्रशिक्षण, कौशल विकास और कोचिंग के साथ साथ समाज के सक्रिय सदस्य बनने में मदद करने के लिए वित्तीय और संस्थागत लाभ प्रदान करने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने उद्योग विभाग तथा ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि निराश्रित बच्चे अगर स्टार्ट अप आरंभ करना चाहते हैं उनकी रिपोर्ट बनाने में हर संभव मदद करें। बैरवा ने कहा कि निराश्रित बच्चों की स्किल डेवलपमेंट को लेकर काउंसलिंग करने के लिए कारगर कदम उठाए जाएंगे। इस के लिए आईसीडीएस के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। 27 वर्ष आयु से पहले हुए अनाथ बच्चों के भूमिहीन होने पर तीन बिस्वा भूमि प्रदान करने का प्रावधान है। इसके साथ ही आवास सुविधा के लिए तीन लाख रुपये के अनुदान का भी प्रावधान है। उपायुक्त ने कहा कि जिला स्तर पर निराश्रित बच्चों की मदद के लिए जिला स्तर पर मुख्यमंत्री आश्रय कोष का प्रावधान किया है। इसके तहत कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक धर्मशाला में खाता संख्या 50076640270 के माध्यम से कोई भी व्यक्ति स्वेच्छा से अंशदान कर सकता है। इसमें 80 जी के तहत टैक्स में भी छूट रहेगी।