कांगड़ा। करीब 32 वर्ष पूर्व निर्मित माता श्री बज्रेश्वरी देवी मंदिर कांगड़ा का पुराना सराय भवन लगभग एक वर्ष के लंबे प्रयास के बाद असुरक्षित घोषित कर दिया गया है। जर्जर हो चुके इस भवन में दीवारों में सीलन, कमरों और शौचालयों की खराब दशा के चलते अब यहां ठहरना असुरक्षित माना गया है।
मंदिर प्रशासन ने इस पुराने भवन को गिराकर इसकी जगह आधुनिक सुविधाओं से युक्त नया बहुमंजिला भवन बनाने की योजना तैयार की है। इस योजना में भवन के धरातल (ग्राउंड फ्लोर) पर लंगर भवन के निर्माण का प्रस्ताव भी शामिल है, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर आवास और लंगर व्यवस्था उपलब्ध करवाई जा सके।
भवन को असुरक्षित घोषित किए जाने के बाद अब लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा सर्वे रिपोर्ट तैयार की जाएगी और भवन का मूल्यांकन किया जाएगा। इसके बाद यह रिपोर्ट उपायुक्त कार्यालय भेजी जाएगी, जहां से इसे तोड़ने के आदेश जारी होने के उपरांत पुराने भवन को गिराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
श्री बज्रेश्वरी देवी मंदिर कांगड़ा के सराय भवन को असुरक्षित करने के लिए मंदिर प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा था, लेकिन अब यह भवन असुरक्षित घोषित हो गया है। आगे की कार्रवाई की फाइल बनाकर उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। जैसे ही वहां से भवन के डिस्मेंटल (ध्वस्तीकरण) होने के आदेश आएंगे, भवन को गिराने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा, ताकि यहां पर नए भवन का निर्माण किया जा सके।
-इशांत जसवाल, एसडीएम, कांगड़ा