बोले, जल्द पुरानी व्यवस्था बहाल नहीं हुई तो धर्मशाला में करेंगे चक्का जाम
पहले की तरह एमवीआई और आरटीओ के माध्यम से ही हो वाहनों की पासिंग
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। कांगड़ा जिले में गाहलियां स्थित ऑटोमेटिक टेस्टिंग सिस्टम (एटीएस) के विरोध में अब वाहन चालक सड़कों पर उतर आए हैं। वीरवार को माता कुनाल पत्थरी मंदिर में जिलेभर के टैक्सी, ऑटो और अन्य वाहन चालकों ने बैठक कर एटीएस के विरोध में रणनीति बनाई और प्रदर्शन किया।
बैठक के बाद वाहन चालकों ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर एकजुट होकर प्रदर्शन भी किया। वहीं, सरकार को 10 दिन के भीतर वैकल्पिक व्यवस्था करने का अल्टीमेटम दिया। चालकों ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय में उनकी मांगों को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो वे धर्मशाला में चक्का जाम करने को मजबूर होंगे। बीड़-बिलिंग टैक्सी ऑपरेटर यूनियन के अध्यक्ष देशराज ने बताया कि बीड़-बिलिंग से गाहलियां स्थित एटीएस की दूरी 100 से 150 किलोमीटर है, जिससे चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि ऑटो चालकों के परमिट की सीमा मात्र 20 किलोमीटर होती है, ऐसे में उन्हें टेस्टिंग के लिए गाहलियां जाने के लिए विशेष परमिट लेना पड़ता है, जो अतिरिक्त झंझट और खर्च बढ़ाता है। इसके अलावा एटीएस की कार्यप्रणाली भी धीमी है। सुबह पहुंचे वाहनों की पासिंग शाम तक हो रही है, जिससे पूरे दिन का काम प्रभावित होता है।
वाहन चालकों और ऑपरेटरों का कहना है कि जिले में केवल एक एटीएस सेंटर होने के कारण दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। इससे समय और धन दोनों की हानि के साथ-साथ ईंधन खर्च भी बढ़ रहा है और रोजमर्रा के कामकाज पर असर पड़ रहा है।
भागसू टैक्सी यूनियन मैक्लोडगंज के अध्यक्ष अशोक शर्मा ने कहा कि सभी यूनियनों ने एकजुट होकर सरकार और परिवहन विभाग से मांग की है कि जब तक जिले में अन्य एटीएस सेंटर स्थापित नहीं किए जाते, तब तक पहले की तरह एमवीआई और आरटीओ के माध्यम से ही वाहनों की पासिंग की व्यवस्था बहाल की जाए। उन्होंने कहा कि उपायुक्त कांगड़ा ने आश्वासन दिया है कि 10 दिन के भीतर इसका हल कर दिया जाएगा। इस दौरान ऑपरेटरों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया, तो वे धरना-प्रदर्शन और बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाने से पीछे नहीं हटेंगे।