धर्मशाला/टांडा। प्रदेश के दूसरे सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल टांडा में एक्स-रे सुविधा बदहाल होने से मरीज परेशान हैं। फिलहाल केवल डिजिटल एक्स-रे के सहारे ही मरीजों की जांच हो रही है। नई एक्स-रे मशीनें अभी शुरू नहीं हो पाई हैं।
अस्पताल में दोनों पुरानी एक्स-रे मशीनें खराब हो गई हैं। ऐसे में आपातकालीन स्थिति में मरीजों को एक्स-रे के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा रहा है। करीब पांच जिलों के मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने वाले अस्पताल में इस तरह की अव्यवस्था मरीजों पर भारी पड़ रही है।
सबसे अधिक परेशानी आपातकालीन (इमरजेंसी) वार्ड में देखने को मिल रही है। एक्स-रे में देरी के कारण मरीजों के इलाज में भी विलंब हो रहा है। कई बार डॉक्टरों को बिना रिपोर्ट के ही उपचार शुरू करना पड़ रहा है जिससे जोखिम बढ़ रहा है। अस्पताल में एक्स-रे सुविधा न मिलने के कारण कई मरीज निजी लैब और क्लीनिकों में महंगे दामों पर एक्स-रे करवाने को मजबूर हैं। इससे गरीब और दूरदराज से आने वाले मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
अस्पताल में दो नई एक्स-रे मशीनें स्थापित हो गई हैं। फिलहाल इन मशीनों से केवल ट्रायल पर एक्स-रे किए जा रहे हैं। जल्द ही दोनों मशीनों को शुरू कर दिया जाएगा।
-डॉ. विवेक बन्याल, एमएस, टांडा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल