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हिमाचल प्रदेश: टांडा छेड़छाड़ मामले में आरोपी लैब तकनीशियन होगा निलंबित, मुख्यमंत्री सुक्खू ने दिए निर्देश

Sun, 04 Oct 2026 05:42 PM IST
Ankesh Dogra अमर उजाला ब्यूरो, धर्मशाला।

सार

टांडा मेडिकल कॉलेज में प्रशिक्षु डॉक्टर से छेड़छाड़ के आरोपी लैब तकनीशियन पर कार्रवाई की मांग को लेकर चल रही डॉक्टरों की हड़ताल के बीच मुख्यमंत्री ने आरोपी को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने निर्देशों का स्वागत किया है, लेकिन कहा है कि निलंबन की आधिकारिक अधिसूचना जारी होने तक हड़ताल जारी रहेगी। डॉक्टरों का कहना है कि यह मामला संस्थान में चिकित्सकों और विशेषकर महिला डॉक्टरों की सुरक्षा से जुड़ा है। फिलहाल टांडा में आपातकालीन सेवाएं सुचारू रखने की बात कही गई है।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू (फाइल फोटो)। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल टांडा में प्रशिक्षु डॉक्टर से छेड़छाड़ के आरोपी लैब तकनीशियन के खिलाफ कार्रवाई को लेकर चल रहा विरोध अब खत्म होने की उम्मीद जगी है। मुख्यमंत्री ने रविवार को रामपुर से लौटते समय आरोपी लैब तकनीशियन को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने साफ कर दिया है कि निलंबन की आधिकारिक अधिसूचना जारी होने तक हड़ताल खत्म नहीं होगी।

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प्रशिक्षु डॉक्टर से छेड़छाड़ की घटना के बाद टांडा मेडिकल कॉलेज के रेजिडेंट डॉक्टर आरोपी तकनीशियन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इसी मांग को लेकर चिकित्सकों ने हड़ताल शुरू की थी। डॉक्टरों का कहना है कि कार्यस्थल पर महिला चिकित्सकों और प्रशिक्षुओं की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जा सकता।
शनिवार को भी डॉक्टरों ने कार्रवाई की मांग को लेकर सुबह 9:30 से 11:30 बजे तक पेन डाउन स्ट्राइक की थी। इस दौरान चिकित्सकों ने प्रिंसिपल कार्यालय के बाहर प्रदर्शन भी किया था।

अधिसूचना जारी होने के बाद ही खत्म होगी हड़ताल
रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. क्रांति बिष्ट ने मुख्यमंत्री के निर्देशों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि केवल निलंबन के निर्देश मिलने से हड़ताल समाप्त नहीं की जाएगी। जब तक निलंबन की आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं होती, तब तक चिकित्सकों का विरोध जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यह मामला सिर्फ एक प्रशिक्षु डॉक्टर से जुड़ा हुआ नहीं है, बल्कि पूरे संस्थान में डॉक्टरों और विशेषकर महिला चिकित्सकों की सुरक्षा से संबंधित है। डॉक्टरों की मांग है कि मामले में स्पष्ट और ठोस कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। एसोसिएशन के मुताबिक, अधिसूचना जारी होने के बाद ही चिकित्सक काम पर लौटेंगे। फिलहाल हड़ताल के दौरान टांडा में आपातकालीन सेवाएं सुचारू रखने की बात कही गई है।
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प्रिंसिपल को अभी आधिकारिक सूचना का इंतजार
टांडा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के प्रिंसिपल डॉ. मिलाप शर्मा ने बताया कि उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली है कि मुख्यमंत्री ने आरोपी लैब तकनीशियन को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि अभी तक उन्हें इस संबंध में कोई आधिकारिक सूचना प्राप्त नहीं हुई है। ऐसे में निलंबन की औपचारिक अधिसूचना जारी होने का इंतजार किया जा रहा है। अब डॉक्टरों की नजर सरकार की ओर से जारी होने वाली आधिकारिक अधिसूचना पर है। अधिसूचना जारी होने के बाद ही हड़ताल खत्म होने और टांडा मेडिकल कॉलेज में सामान्य कामकाज पूरी तरह बहाल होने की स्थिति स्पष्ट होगी।
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