परागपुर (कांगड़ा)। विकास खंड की नाहन-नगरोटा सहकारी समिति के राशन डिपो में मिलने वाले चावल को लेकर इन दिनों उपभोक्ताओं में असमंजस और चिंता का माहौल है। स्थानीय शिकायतकर्ता राजेश कुमार ने बताया कि डिपो से खरीदे गए चावल जब घर में पकाने के लिए डाले गए तो उनमें से कुछ चावल पानी की सतह पर तैरने लगे जबकि कुछ नीचे बैठ गए। तैरने वाले दानों का रंग सामान्य चावल के मुकाबले अत्यधिक सफेद हो गया, जिससे स्थानीय जनता के बीच प्लास्टिक या मिलावटी चावल होने का डर सताने लगा है।
इस पर सोसायटी प्रधान विकास शर्मा ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि उपभोक्ताओं की सेहत के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा । उन्होंने खाद्य आपूर्ति विभाग ने इस मामले की गहन जांच करने की मांग की है। विभाग के अनुसार इन चावलों में आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व शामिल होते हैं और इन्हें एफएसएसएआई के कड़े निर्देशों के तहत ही जनता को वितरित किया जा रहा है। पकाने के दौरान इन दानों का पानी पर तैरना इनकी विशेष बनावट के कारण संभव है और यह सेहत के लिए पूरी तरह सुरक्षित हैं। विभाग ने यह भी सुनिश्चित किया है कि लोगों के मन से इस भ्रम को दूर करने के लिए जल्द ही जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि फोर्टिफाइड अनाज के लाभाें बारे जानकारी साझा की जा सके।
इस बारे में खाद्य एवं आपूर्ति निगम के निदेशक पुष्पिंदर ठाकुर ने कहा कि लोग इन चावलों से न घबराएं, क्योंकि यह मिलावट नहीं, बल्कि सरकार की ओर से प्रदान किया जा रहा फोर्टिफाइड चावल है।