धर्मशाला में पत्रकारवार्ता में बोले कर्मचारी कल्याण बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष
कहा, कांग्रेस सरकार में कर्मचारियों को वेतन-भत्तों को मांगनी पड़ रही भीख
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। प्रदेश की सुक्खू सरकार का कार्यकाल इतिहास के पन्नों पर काले अक्षरों से लिखा जाएगा। सरकार बिलासपुर में दो साल के कार्यकाल का जश्न मनाने जा रही है, लेकिन जश्न प्रदेश के लोगों की लाशों पर होगा। यह पहली ऐसी सरकार है, जिसमें कर्मचारियों को अपना वेतन और भत्ते हासिल करने सरकार के आगे भीख मांगनी पड़ रही है। यह बात धर्मशाला में एक पत्रकारवार्ता के दौरान कर्मचारी कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष घनश्याम शर्मा ने कही।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पूरी तरह से झूठ का पुलिंदा हैं। मुख्यमंत्री ने बजट के दौरान कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मियों के लिए कई घोषणाएं की थी। दो माह बाद नए वित्तीय वर्ष के लिए बजट बनना शुरू हो जाएगा, लेकिन पिछले बजट की घोषणा को आज दिन तक पूरा नहीं किया गया है। सुक्खू सरकार में जहां कर्मचारियों के डीए और मेडिकल भत्ते लंबित चल रहे हैं, वहीं सरकार का इन कर्मचारियों की ओर कोई भी ध्यान नहीं है। प्रदेश सरकार कर्मचारियों के प्रति पूरी तरह से संवेदनहीन बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू मात्र अपनी सरकार को बचाने के लिए ही कर्ज ले रहे हैं और उसे अपने मित्रों को खुश करने के लिए लुटा रहे हैं। आज ट्रेजरी में 10 हजार से अधिक के बिलों को पास नहीं किया जा रहा है। कई कर्मचारी प्रमोशन का इंतजार करते हुए अब सेवानिवृत्त हो रहे हैं, लेकिन सुक्खू सरकार पूरी तरह से संवेदनहीन बनी हुई है।