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Kangra News: डाॅक्टर सीख रहे अग्निकर्म और मरहम चिकित्सा

Tue, 10 Dec 2024 07:01 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
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धर्मशाला में पपरोला आयुर्वेदिक अस्पताल के विशेषज्ञ वेलनेस सेंटरों के डाॅक्टरों को दे रहे प्रशिक्षण
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दूसरे चरण के प्रशिक्षण में 74 डाॅक्टर सीख रहे विभिन्न विधियां
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मशाला। जिला कांगड़ा के आयुर्वेदिक वेलनेस सेंटरों के डाॅक्टरों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। सोमवार को पहले दिन जिले के 74 चिकित्सकों को आयुर्वेदिक अस्पताल पपरोला के एमडी विशेषज्ञ डॉ. गौरव परमार ने थ्योरी के साथ-साथ मरीजों का इलाज कर प्रशिक्षित किया।
इस दौरान चिकित्सकों को रक्त मोक्षण, जलौका, अग्निकर्म और मरहम चिकित्सा के बारे में जानकारी प्रदान की। पहले दिन डाॅक्टरों को थ्योरी के बारे में बताया और शाम के सत्र में आयुर्वेदिक अस्पताल धर्मशाला में मरीजों पर इन कर्मों को कैसे करना है, इसके बारे में सिखाया गया। मौके पर विशेषज्ञों ने मरीजों का इन तौर तरीकों से इलाज किया और ग्रुप में चिकित्सकों को इसके बारे में विस्तार से बताया।
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इस दौरान वेलनेस सेंटरों के चिकित्सकों ने विशेषज्ञ से प्रश्न भी किए और विस्तार में पूरी विधि को जाना। मंगलवार को जोंक से कैसे उपचार करना है इसकी जानकारी मरीजों का इलाज करने के साथ ही चिकित्सकों को दी जाएगी। जिला कांगड़ा के हेल्थ वेलनेस सेंटरों के डाॅक्टरों के लिए दो चरणों में दो दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया जा रहा है। पहले चरण में 75 डाक्टरों को प्रशिक्षण दिया गया था और अब दूसरे चरण में 74 चिकित्सकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। डाॅक्टरों की इस ट्रेनिंग से लोगों को घर के पास पंचकर्म इलाज मिल सकेगा। इसके लिए उन्हें बड़े अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। ट्रेनिंग के दौरान डाॅक्टरों को बताया जाएगा कि रोगियों को दवाइयों से ठीक किया जा सकता है या उनकी मालिश, मसाज आदि से इलाज किया जा सकता है।
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कोट्स:
- आयुष विभाग की ओर से 9 और 10 दिसंबर को धर्मशाला में 74 डाॅक्टरों को पंचकर्म का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पहले डाॅक्टरों को थ्योरी के बारे में बताया जा रहा है और बाद में अस्पताल में मरीजों का कैसे इलाज करना है, इसकी जानकारी दी जा रही है। मंगलवार को ट्रेनिंग के दौरान डाॅक्टरों को रक्त मोक्षण, जलौका, अग्निकर्म और मरहम चिकित्सा की विधियों के बारे में प्रशिक्षित किया जाएगा।
- डॉ. हरीश भारद्वाज, जिला आयुष अधिकारी, कांगड़ा।
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