फोरलेन की जद में आया 75 वर्ष पुराना प्राइमरी स्कूल मलां, अभी तक नहीं मिल पाया नया ठिकाना
संजीव कौशल
टांडा (कांगड़ा)। मंडी-पठानकोट फोरलेन के निर्माण कार्य ने 75 साल पुराना प्राइमरी स्कूल मलां के विद्यार्थियों की परेशानी बढ़ा दी है। 65 बच्चों की संख्या वाला यह स्कूल फोरलेन के कारण अपना भवन गंवा देगा।
हैरत की बात यह है कि एक तो यहां पढ़ने वाले बच्चे मशीनरी के शोर और मिट्टी के गुबार से परेशान हैं तो वहीं, अभी तक स्कूल के लिए कोई ठिकाना नहीं ढूंढा गया है। हालांकि स्कूल को नई जगह पर शिफ्ट करने के लिए भूमि का निरीक्षण हो चुका है, लेकिन अभी तक भूमि स्कूल के नाम न होने के चलते अध्यापक और छोटे बच्चे वायु और ध्वनि प्रदूषण की मार झेल रहे हैं। स्थानीय निवासी पंकज, वीरेंद्र ठाकुर, चरनजीत सिंह और अन्य ने नगरोटा बगवां के विधायक आरएस बाली से समस्या के समाधान की अपील की है। वहीं, अंबाड़ी पंचायत के प्रधान रमेश कुमार और मलां के प्रधान सुशील कुमार का कहना है कि अंबाड़ी और मलां पंचायतों के भवन फोरलेन की जद में आने से पंचायतों के पास ऐसी कोई जगह नहीं है, जहां अस्थायी तौर पर स्कूल चलाया जा सके। उन्होंने स्थानीय समाजसेवियों से मदद करने की अपील की है। उधर, प्राइमरी स्कूल मलां की मुख्य शिक्षिका सरस्वती देवी ने बताया कि आला अधिकारी निरीक्षण कर चुके हैं। लगभग दो कनाल सात मरले भूमि स्कूल के नाम करने के आदेश का पत्र तहसीलदार नगरोटा बगवां को मिल चुका है। आशा है कि स्कूल का जल्द निर्माण शुरू होगा। ज्ञान ज्योति योजना के तहत 15 लाख की रकम सितंबर 2023 से स्कूल के खाते में है। फिलहाल स्कूल की चहारदीवारी के लिए कंपनी अधिकारियों से कहा, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। वहीं इस संदर्भ में एसडीएम नगरोटा बगवां मुनीश शर्मा ने बताया कि भूमि स्कूल के नाम करने के आदेश हो चुके हैं, जल्द ही भूमि स्थानांतरित हो जाएगी।