धर्मशाला। स्टेट कैडर करने के विरोध में पटवार एवं कानूनगो महासंघ के आह्वान पर जिला कांगड़ा में मंगलवार को पटवारियों एवं कानूनगो के छुट्टी पर चले जाने से काम ठप रहा। लोगों को काम न होने की सूरत में उन्हें पटवार खानों से बैरंग लौटना पड़ा। हालांकि मंगलवार को बहुत से लोग ई-केवाईसी और अन्य जरूरी प्रमाणपत्र बनवाने के लिए पटरवाखानों में पहुंचे थे। एक व्यक्ति ने बताया कि उसकी बेटी ने नीट के एग्जाम के लिए ओबीसी का प्रमाणपत्र बनवाना है और आखिरी तिथि तक पता नहीं यह प्रमाणपत्र बन भी पाएगा या नहीं। इसके अलावा भी बहुत से लोगों को बिना काम के लौटना पड़ा।
दूसरी तरफ पटवारियों एवं कानूनगो ने स्टेट कैडर का उपमंडलाधिकारी कार्यालय के बाहर गेट मीटिंग कर विरोध जताया और सरकार से इस निर्णय को वापस लेने का आग्रह किया। पटवारी एवं कानूनगो वर्ग का कहना है कि वे स्टेट कैडर करने का विरोध सिर्फ इसलिए कर रहे हैं कि कहीं पर कनाल-मरले तो कहीं पर बीघा-विस्वा की प्रणाली प्रचलित है। पूरे प्रदेश के राजस्व रिकाॅर्ड में एकरूपता नहीं है। उनका कहना है कि सरकार आनन-फानन में फैसले ले रही है, जो प्रदेश हित में नहीं है। सरकार के इस फैसले से पटवारियों एवं कानूनगो वर्ग की सीनियाेरिटी पर भी विपरीत असर पड़ेगा। इसी कड़ी में मंगलवार को जिला कांगड़ा की समस्त तहसीलों और उपमंडलाधिकारी कार्यालयों में पटवारियों एवं कानूनगो वर्ग ने शांतिपूर्वक गेट मीटिंग कर विरोध प्रदर्शन किया।