फोरलेन पर पहाड़ी से गिर रहे पत्थर, सड़क को बंद किए बिना लगाए जा रहे जाले
रानीताल बाथु पुल के पास बढ़ा खतरा, कंपनी का कर्मचारी भी तैनात नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
कांगड़ा। मटौर-शिमला निर्माणाधीन फोरलेन के तहत रानीताल कस्बे के बाथु पुल के पास बरसात में काफी भूस्खलन हुआ। इसकी वजह से कई दिन तक फोरलेन से एकतरफा आवाजाही रही। बरसात खत्म होने के बाद अब भूस्खलन की जगह पहाड़ियों पर जाले लगाने का काम किया जा रहा है। इसके लिए पहाड़ पर ड्रिलिंग की जा रही है। कई बार पहाड़ से पत्थर भी गिर रहे हैं लेकिन यह कार्य लोगों की जान को जोखिम में डालकर किया जा रहा है। कार्य के दौरान फोरलेन की एक लेन को बंद नहीं किया गया है, जिससे चालकों समेत पैदल चले वालों के लिए खतरा बढ़ गया है। ये लापरवाही कभी भी किसी की जान पर भारी पड़ सकती है। हैरानी की बात है कि चालकों को सचेत करने के लिए कंपनी का काेई कर्मी सड़क पर मौजूद नहीं है।
कंपनी की इस लापरवाही काे लेकर साथ लगती धमेड़ पंचायत के प्रधान राज कपूर ने एनएचएआई और कार्य में लगी कंपनी से अनुराेध किया है कि जब तक पहाड़ी पर जाला लगाने कार्य हाेता है, तब तक पहाड़ी के नीचे वाली लेन काे बंद कर दिया जाए, जिससे काेई बड़ा हादसा न हाे। इसके साथ ही कांगड़ा प्रशासन से भी आग्रह किया है कि माैके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेकर समाधान किया जाए। उन्हाेंने कहा कि अगर यहां पर काेई बड़ा हादसा हाेता है तो जिसकी जिम्मेदारी एनएचएआई और कंपनी सहित सहित स्थानीय प्रशासन की भी हाेगी।
एनएचएआई के अधिकारियाें से बात की जाएगी और उन्हें बताया जाएगा कि कार्य के दाैरान एक लेन काे बंद कर दिया जाए या फिर सड़क पर वाहन चालकाें काे आगाह करने के लिए कर्मी तैनात किए जाए, जिससे काेई हादसा न हाे।
-इशांत जसवाल, एडसीएम कांगड़ा
फोरलेन के कार्य में लगी कंपनी काे निर्देश दिए जाएंगे कि जाले लगाने और ड्रिलिंग के दाैरान यहां की एक लेन काे बंद कर दिया जाए, ताकि वाहन चालकाें और राहगीराें के साथ काेई हादसा न हाे।
-विक्रम सिंह मीणा, प्राेजेक्ट मैनेजर एनएचएआई