फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्टोन क्रशर यूनिटों में काम बंद, हड़ताल शुरू

विज्ञापन
विज्ञापन
कंडवाल (कांगड़ा)। नई खनन नीति के विरोध में नूरपुर उपमंडल के स्टोन क्रशर यूनिटों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। वीरवार को नूरपुर, इंदौरा, जवाली, फतेहपुर के 42 क्रशर यूनिटों में काम पूरी तरह बंद रहा। इन यूनिटों के बंद होने से इसका सीधा असर ट्रैक्टर व टिपरों से जुड़े कारोबार पर देखने को मिला। उपमंडल की सड़कों पर वीरवार को कोई भी टिपर व ट्रैक्टर निर्माण सामग्री (रेत बजरी) ले जाते नहीं देखे गए।
विज्ञापन

पहली मार्च को जिला नूरपुर के तहत फतेहपुर, ज्वाली, नूरपुर, इंदौरा के स्टोन क्रशर यूनिटों ने कंडवाल में यूनियन के प्रधान रणवीर सिंह निक्का के नेतृत्व में नई खनन नीति को वापस लेने की सरकार से मांग की थी। मांग न मानने पर पांच मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी थी। इसके बाद जिला नूरपुर के स्टोन क्रशर यूनिटों के मालिकों ने धर्मशाला में जिलाधीश के माध्यम से मुख्यमंत्री को उक्त खनन नीति को वापस लेने की मांग भी की थी। अभी तक सरकार ने कोई राहत न मिलने के बाद जिला स्टोन क्रशर यूनिट ने पांच मार्च से हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। वहीं, सूत्रों के अनुसार जिला स्टोन क्रशर यूनियन के कई पदाधिकारी शिमला में मुख्यमंत्री के साथ बैठक करके इस मसले को हल करवाने के लिए डटे हुए हैं।
ट्रैक्टर मालिक बोले-बंद हो जाएगा कारोबार
उपमंडल के ट्रैक्टर मालिकों लाडी, हरपाल, जग्गा, लाल सिंह, बीरू, रिंपू, मिंटू, हरबंस ने कहा कि क्रशर यूनिट हड़ताल पर जाने से ट्रैक्टर से जुड़ा कारोबार भी बंद हो जाएगा। उन्होंने कहा कि ट्रैक्टरों के पहिये थमने से सैकड़ों लोग जो इस व्यवसाय से आजीविका चला रहे हैं, वे रोजी-रोटी से महरूम हो जाएंगे। उन्होंने सरकार से मांग की है कि नई नीति को वापिस लें।
विज्ञापन

कोट्स
नई खनन नीति के दिशा-निर्देशों के अनुसार खनन विभाग क्रशर यूनिटों पर निगरानी रख रहा है। जेसीबी चलाने वाले क्रशर यूनिट पर कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

-नीरज कांत, खनन अधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें