धर्मशाला। धर्मशाला की सांस्कृतिक धरोहर के प्रतीक रहे ''स्टेज गैंग'' और ''गैलेक्सी'' सांस्कृतिक आंदोलन को करीब चार दशक बाद पुनर्जीवित किया गया है। अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस (12 अगस्त) के अवसर पर राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला के सभागार में ''अनुभव ट्रस्ट'' का शुभारंभ कर इस ऐतिहासिक आंदोलन की नए स्वरूप में वापसी का आगाज किया गया। कार्यक्रम में उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की थी। यह विशेष आयोजन स्वास्थ्य विभाग, जिला कल्याण कार्यालय, डिग्री कॉलेज धर्मशाला, अनुभव ट्रस्ट और गुंजन संस्था के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।
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रंगमंच और युवाओं के विकास की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
स्टेज गैंग की शुरुआत वर्ष 1978 में रंगमंच व रचनात्मक अभिव्यक्ति के मंच के रूप में हुई थी। बाद में ''गैलेक्सी'' एक अंतर-महाविद्यालयीन सांस्कृतिक उत्सव बना, जिसने 1987 तक हिमाचल और उत्तर भारत के युवा कलाकारों को नाटक, वन-एक्ट प्ले, भांगड़ा और गायन जैसी विधाओं में प्रतिभा दिखाने का अवसर दिया। पंजाबी सिनेमा के प्रसिद्ध हास्य अभिनेता डॉ. जसविंदर भल्ला और बाल मुकुंद शर्मा इसी मंच से उभरे। पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना में पढ़ाई के दौरान डॉ. जसविंदर भल्ला गैलेक्सी में भाग लेने धर्मशाला आते थे। उनके चर्चित एकांकी ''तूड़ी वाला कोठा'' के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मिला था।
भविष्य की परिकल्पना
कार्यक्रम में संदीप मेहता ने इसके नए स्वरूप की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि अब इसे रंगमंच, संगीत, नृत्य, साहित्य और कला के विभिन्न क्षेत्रों में युवाओं को प्रोत्साहन देने वाले एक बहुआयामी मंच के रूप में विकसित किया जाएगा। इसे धर्मशाला की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की एक ऐतिहासिक पहल माना जा रहा है।