धर्मशाला। जिला कांगड़ा उपमंडल जवाली के युवाओं के लिए खेल स्टेडियम और सिंथेटिक ट्रैक का सपना फिलहाल अधूरा नजर आ रहा है। खेल विभाग द्वारा प्रस्तावित स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स परियोजना जमीन की कमी और कागजी औपचारिकताओं के फेर में फंस गई है। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए विभाग ने एक ही स्थान पर 75 कनाल जमीन मांगी थी, लेकिन प्रशासन केवल 30 कनाल भूमि ही उपलब्ध करवा पाया है।
खेल विभाग की योजना के अनुसार जवाली में एक बड़े फुटबाल मैदान के साथ-साथ इंडोर स्टेडियम और एथलेटिक्स के लिए आधुनिक सिंथेटिक ट्रैक का निर्माण होना है। हालांकि संयुक्त निरीक्षण के बाद चयनित 30 कनाल सरकारी भूमि विभाग के नाम ट्रांसफर तो कर दी गई है, लेकिन शेष 45 कनाल जमीन न मिलने के कारण प्रोजेक्ट की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार नहीं हो पा रही है।
मैदान नहीं, इसलिए सड़कों पर दौड़ रहे खिलाड़ी
मैदान के अभाव में क्षेत्र के उभरते खिलाड़ियों का भविष्य दांव पर लगा है। स्थानीय युवाओं पंकज, राजेश, मुकेश और अजय का कहना है कि अभ्यास के लिए जगह न होने के कारण उन्हें या तो दूर-दराज के क्षेत्रों का रुख करना पड़ता है या फिर मजबूरन सड़कों पर दौड़ लगानी पड़ती है। युवाओं का कहना है कि यदि स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण जल्द होता है, तो उन्हें एक ही छत के नीचे तमाम आधुनिक सुविधाएं मिल सकेंगी।
प्रशासन को पूरी जमीन उपलब्ध करवाने के लिए कहा गया है। जमीन विभाग के नाम ट्रांसफर होने के बाद ही इसकी डीपीआर तैयार की जाएगी, जिसके बाद ही सरकार से बजट की मांग संभव है। -रवि शंकर, जिला खेल अधिकारी।
खेल विभाग के नाम 30 कनाल भूमि ट्रांसफर कर दी गई है। शेष भूमि सरकारी नहीं है, इसलिए उसे अधिग्रहित करना पड़ेगा। इसके लिए आगामी प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। -नरेंद्र जरियाल, एसडीएम जवाली