धर्मशाला। कांग्रेस नेता युद्धवीर सिंह बैंस ने सरकार के कुछ नेताओं और वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को धर्मशाला में पत्रकार वार्ता में बैंस ने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश के कुछ नेता और अफसर उनकी संपत्तियों को हड़पना चाहते हैं। उन्होंने दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह के समर्थकों को मौजूदा व्यवस्था में योजनाबद्ध तरीके से प्रताड़ित किया जा रहा है।
बैंस के अनुसार उन्होंने कुछ कांग्रेस नेताओं और अधिकारियों के भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके परिणामस्वरूप हमीरपुर में अवैध खनन मामले में दो गिरफ्तारियां हुईं। इस कार्रवाई के बाद उन पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया गया। बात न मानने पर विजिलेंस के माध्यम से केसीसी बैंक ऋण मामले में उनके खिलाफ झूठी प्राथमिकी दर्ज की गई और जांच के नाम पर शिमला विजिलेंस थाने में 29 दिनों तक उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह परिवार के करीबी होने के कारण उन्हें भी इसकी कीमत चुकानी पड़ रही है। युद्धवीर बैंस ने प्रदेश में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार की जांच केंद्र सरकार से सीबीआई या किसी सीटिंग जज से कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि उनके ऋण की किस्तें रोककर उनके प्रोजेक्ट्स को ठप करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन वे इन दबावों के आगे झुकने वाले नहीं हैं।
बोले- कांग्रेस के सिपाही रहेंगे, लेकिन अलग गुट बनाएंगे
अपने राजनीतिक भविष्य पर रुख स्पष्ट करते हुए बैंस ने कहा कि वह कांग्रेस के सिपाही थे और रहेंगे, लेकिन अब वे प्रदेश में ईमानदार नेताओं के साथ मिलकर एक अलग गुट बनाएंगे। उन्होंने ऐलान किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश की सभी 68 सीटों पर स्वच्छ छवि वाले उम्मीदवार उतारे जाएंगे, जो भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे।