ज्वालामुखी/चामुंडा/कांगड़ा। रविवार की छुट्टी के दिन जिले के प्रमुख शक्तिपीठ माता के जयकारों से गूंज उठे और लगभग 30,500 श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में शीश नवाया। इसमें प्रसिद्ध श्री ज्वालामुखी मंदिर में करीब 25 हजार, श्री बज्रेश्वरी देवी मंदिर में 2,000 और श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में 3,500 श्रद्धालुओं ने देवियों के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की।
श्री ज्वालामुखी मंदिर में सावन और बरसात के बावजूद विभिन्न राज्यों से पहुंचे भक्तों की लंबी कतारें मंदिर परिसर से लंगर भवन तक पहुंच गईं। मंदिर अधिकारी अजय मंडयाल ने बताया कि आगामी सावन अष्टमी और नवरात्रों की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं, जिनमें श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है।
उधर श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। मंदिर अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि सावन के सोमवार को सुकर्मा और स्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, जो बेहद फलदायी माना जाता है। इस अवसर पर श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए होमगार्ड के जवान तैनात किए गए हैं। इसके अलावा बाणगंगा में नहाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।