चामुंडा माता मंदिर में रविवार को उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़। -स्रोत : जागरूक पाठक
ज्वालामुखी/कांगड़ा/चामुंडा। रविवार और वीकेंड के मौके पर कांगड़ा जिले के प्रमुख शक्तिपीठ मां के जयकारों से गूंज उठे। जिले के तीन प्रमुख धामों में 18,600 श्रद्धालुओं ने शीश नवाकर सुख-समृद्धि की कामना की। शक्तिपीठ श्री ज्वालामुखी मंदिर में 11,000, श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में 6,000 और कांगड़ा स्थित माता बज्रेश्वरी देवी मंदिर में 1600 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।
श्राद्ध पक्ष के चलते ज्वालामुखी और बज्रेश्वरी मंदिर में सामान्य दिनों की तुलना में भीड़ कम दर्ज की गई। वहीं, परौर में राधा स्वामी सत्संग के गुरु हजूर जसदीप गिल के प्रवास के कारण पंजाब सहित विभिन्न राज्यों से भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। इसके चलते चामुंडा धाम में दिन चढ़ते ही दर्शन के लिए लंबी कतारें लग गईं और पूरा परिसर मां के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर दर्शन किए।
उधर, 11 अक्तूबर से शुरू होने वाले शारदीय नवरात्र को लेकर भी शक्तिपीठों में तैयारियां तेज हो गई हैं। ज्वालामुखी मंदिर अधिकारी अजय मंडयाल ने बताया कि नवरात्र के दौरान देश भर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। इसे देखते हुए सुरक्षा, सफाई, सुगम यातायात, पेयजल और दर्शन व्यवस्था को दुरुस्त किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।
नवरात्र में सुरक्षा और सुविधाओं पर रहेगा फोकस
आगामी 11 अक्तूबर से शुरू होने वाले शारदीय नवरात्र मेलों को लेकर प्रशासन ने व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। मंदिर अधिकारी अजय मंडयाल के अनुसार बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं की भारी संख्या को ध्यान में रखते हुए पुरानी व्यवस्थाओं की समीक्षा कर उनमें सुधार किया जा रहा है। परिसर में कतार प्रणाली, निर्बाध पेयजल आपूर्ति, सफाई व्यवस्था और सुगम यातायात सुनिश्चित करने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है।