केंद्रीय विवि में आयोजित कार्यशाला में कुलपति प्रो. बंसल एसएसपी कांगड़ा शालिनी अग्निहोत्री का स
धर्मशाला। केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयू) हिमाचल के धौलाधार परिसर एक में महिला सशक्तिकरण पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल ने किया। इस दौरान कुलपति प्रो. बंसल ने हिमाचल प्रदेश पुलिस के सहयोग से सभी परिसरों में एक आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की। पुलिस विभाग ने विश्वविद्यालय के तीनों परिसरों में सभी महिला छात्राओं को 20 घंटे का वार्षिक आत्मरक्षा प्रशिक्षण प्रदान करने पर सहमति व्यक्त की है। स्पर्श एपेक्स समिति, महिला अध्ययन एवं विकास केंद्र और सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट के सहयोग से आयोजित संगोष्ठी का उद्देश्य महिला सशक्तीकरण, आत्मनिर्भरता और स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देना था। डीन अकादमिक प्रो. प्रदीप कुमार ने संरक्षक की भूमिका निभाई, जबकि प्रो. सूर्या रश्मि रावत संगोष्ठी की संयोजक रहीं।
इस संगोष्ठी में एसपी कांगड़ा शालिनी अग्निहोत्री मुख्य अतिथि रहीं, जबकि तेंजिन पेमा (एमएमए फाइटर और ट्रेनर), ज्योति शर्मा (क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट, जोनल अस्पताल, धर्मशाला) और डॉ. नेहा राणा (स्त्री रोग विशेषज्ञ, जोनल अस्पताल, धर्मशाला) अतिथि वक्ता रहीं। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन, स्वागत समारोह और स्वयं सहायता समूह और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की 70 महिलाओं के सम्मान के साथ हुआ। समूहों की सदस्यों ने अपने हस्तनिर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई।
प्रो. बंसल ने कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालय ने पिछली बार यह निर्णय भी लिया था कि हम सेल्फ हेल्प ग्रुप की सहायता करेंगे और हमने केंद्रीय विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को एक प्रोजेक्ट के रूप में सेल्फ हेल्प ग्रुप महिलाएं जो हैं, उनके प्रोडक्ट्स को मार्केट तक पहुंचाने के लिए न केवल राज्य में बल्कि राज्य के बाहर हमारे विद्यार्थी उनकी सहायता करेंगे। वहीं, एसएसपी शालिनी अग्निहोत्री ने स्वयं सहायता समूहों और आंगनबाड़ी सदस्यों के साथ बातचीत कर उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने घर से ही नारी को सशक्त बनाने की पैरवी की। उन्होंने कहा कि जब हम परिवार में बेटा-बेटी को समान समझेंगे तभी इस यह सशक्तीकरण सार्थक हो पाएगा।