हस्तशिल्प, हथकरघा सामान और मोटे अनाज की लगाई गई थी प्रदर्शनी
डीआडीए के सरस मेले में नौ राज्यों ने लिया भाग
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। रथ मैदान में सजे सरस मेले में करीब 45 लाख का कारोबार हुआ है। मेले में हस्त निर्मित उत्पाद, मोटे अनाज की प्रदर्शनी लगाई गई थी। जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआडीए) की ओर से आयोजित सरस मेले में हिमाचल समेत नौ राज्यों के 80 स्टॉल 22 से 30 अक्तूबर तक सजे। इन स्टॉलों में नौ दिन में खरीदारी के लिए लोगों की चहल-पहल रही। इस कारण मेले में 45 लाख का कारोबार हुआ है।
मेले में हिमाचल समेत पश्चिम बंगाल, बिहार, हरियाणा, सिक्किम, मणिपुर, गुजरात, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के हस्तकरघा, हस्तशिल्प के कारीगरों, हस्तशिल्पियों और किसानों ने भाग लिया। अलग-अलग स्टॉलों पर लोगों को हस्तशिल्प और हथकरघा की तकनीक के प्रति आकर्षित करने और विक्रय के उद्देश्य से उत्पादों को सजाया गया था। जिला मुख्यालय के रथ मैदान के साथ ही दशहरा और दिवाली के लिए प्रदर्शनी, खेल, मेला मैदान और मालरोड पर अस्थायी बाजार सजा हुआ है। बावजूद रथ मैदान में आयोजित नौ दिवसीय सरस मेले को लोगों ने अधिक तरजीह दी। हस्तशिल्प, हथकरघा और मोटे अनाज के उत्पादों को खरीदने में लोगों दिलचस्पी दिखाई है।
इस संबंध में जिला ग्रामीण विकास अभिकरण की परियोजना निदेशक डॉ. जयबंती ठाकुर ने कहा कि सरस मेले में नौ राज्यों के कारीगरी और अनाजों को स्टॉलों में सजाया गया था। नौ दिन तक चले सरस मेले में 45 लाख का कारोबार हुआ है। संवाद