जसूर (कांगड़ा)। बिजली बोर्ड कर्मचारी संघ के प्रदेश महासचिव हीरा लाल वर्मा की ओर से प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस दौरान उन्होंने सरकार और बोर्ड प्रबंधन पर जमकर रोष प्रकट किया। उन्होंने कहा कि आज बोर्ड जिस दयनीय स्थिति में पहुंचा है। उसके पीछे सरकार और बोर्ड प्रबंधन जिम्मेदार है। उन्होंने आरोप लगाया कि बोर्ड के कुप्रबंधन के कारण जनवरी में कर्मचारियों और पेंशनरों को उनके वेतन और पेंशन के लाले पड़ गए थे। बिजली विभाग को चार परियोजनाएं मिली थीं, लेकिन अभी तक उनका कार्य आरंभ नहीं हुआ, जबकि उन परियोजनाओं की फारेस्ट क्लीयरिंग और भूमि अधिग्रहण भी हो चुका है।
उन्होंने कहा कि बोर्ड प्रबंधन व्यापार के लिए नई कंपनी को लेकर आ रहा है। इसमें स्मार्ट मीटरिंग प्लानिंग पर काम होगा जो 3200 करोड़ की परियोजना है। इससे उपभोक्ताओं को भारी भरकम बिजली बिल का बोझ पड़ेगा। उन्होंने कहा कि उनके एक वर्ष के कुप्रबंधन के कारण आज बिजली बोर्ड रसातल पर पहुंच गया है। जो भी साधन संपन्न परिवार हैं, उन्हें मुफ्त बिजली नहीं दी जानी चाहिए, बल्कि बिजली बोर्ड के ढांचे को मजबूत करना चाहिए।