संवाद न्यूज एजेंसी
जसूर (कांगड़ा)। गर्भावस्था के दौरान नियमित जांच और प्रसवपूर्व देखभाल (एंटीनेटल केयर) से सुरक्षित प्रसव संभव है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार हर गर्भवती महिला को गर्भावस्था के दौरान कम से कम 8 बार स्वास्थ्य जांच करानी चाहिए। सिविल अस्पताल नूरपुर की महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रीति पराशर ने कहा कि पहली जांच 12 सप्ताह के भीतर करवानी चाहिए। इन जांचों में रक्तचाप, हीमोग्लोबिन, ब्लड शुगर, मूत्र परीक्षण और भ्रूण के विकास का आकलन किया जाता है।
समय पर जांच से उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था की पहचान संभव होती है। एचआईवी, सिफिलिस, हेपेटाइटिस-बी जैसी बीमारियों की जांच और अल्ट्रासाउंड के माध्यम से शिशु के विकास पर नजर रखी जाती है। गर्भावस्था में संतुलित आहार, पर्याप्त पानी, आयरन, फोलिक एसिड और कैल्शियम का सेवन बेहद जरूरी है।