बड़सर में नियमों को दरकिनार कर मालवाहकों में जान को जोखिम में डालकर सफर तय करते हुए श्रद्धालु।
अनिल डोगरा मैहरे (हमीरपुर)। श्रद्धा की आड़ में यातायात नियमों को ताक पर रखकर मालवाहकों में जान जोखिम में डाल बाहरी राज्यों से श्रद्धालु बाबा की नगरी दियोटसिद्ध पहुंच रहे हैं। इनके आगे व्यवस्था नतमस्तक नजर आती है और इन्हें रोकने वाला कोई नहीं है। दियोटसिद्ध पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को ऊना से हमीरपुर जिला के बड़सर से होकर सफर तय करना पड़ता है। मेलों के आधिकारिक रूप से संपन्न होने के बाद भी लोग बाबा बालक नाथ के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
श्रद्धालु डबल डेकर वाहनों और मालवाहकों में जान को जोखिम में डालकर सफर कर रहे हैं। छतों पर बैठकर और किनारों पर लटककर यात्रा कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार रोजाना पांच से 10 ऐसे वाहन बड़सर से गुजर रहे हैं जो नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। चिंताजनक पहलू है कि यह सब कुछ प्रशासन की नाक के नीचे हो रहा है।
मगर इन पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आई है। पहाड़ी और संकरी सड़कों पर इस तरह ओवरलोड वाहनों की आवाजाही कभी भी बड़े हादसे को न्योता दे सकती है। एक छोटी सी चूक कई परिवारों के लिए जिंदगीभर का दर्द बन सकती है। संवाद
बड़सर में नियमों को दरकिनार कर मालवाहकों में जान को जोखिम में डालकर सफर तय करते हुए श्रद्धालु।