पालमपुर (कांगड़ा)। नगर निगम पालमपुर में अवैध निर्माण के संदर्भ में हाईकोर्ट से आए फैसले के बाद अब नगर निगम अपनी अगली कार्रवाई करेगा। मामले में अब राजस्व विभाग इसकी निशानदेही करेगा। राजस्व विभाग के निशानदेही के बाद ही असली पता चलेगा कि भवन मालिक ने कितना अवैध निर्माण किया है।
निशानदेही की रिपोर्ट आने के बाद अवैध निर्माण को हटा दिया जाएगा। नगर निगम पालमपुर के आईमा वार्ड में वर्ष 2020 में निर्माणाधीन एक मकान को लेकर स्थानीय लोगों ने कूहल बंद करने को लेकर प्रशासन के समक्ष मामला सामने लाया था। कोई समाधान न होने पर लोगों ने 2023 में पालमपुर आई विधानसभा लेखा समिति के समक्ष मामला उठाया था। लिहाजा, समिति ने विजिलेंस को इसकी जांच के आदेश दिए थे। इस पर विजिलेंस ने अपनी जांच में नगर निगम में पूर्व में रहे आयुक्त, टाउन प्लानर और एक आउटसोर्स पर लगे जेई को मामले में दोषी करार दिया था। जेई को पद से हटा भी दिया गया था। साथ ही इसकी रिपोर्ट शहरी विभाग देते हुए मामले में विभागीय जांच की सिफारिश की थी। कूहल से प्रभावित होने वाले 12 लोग भी 23 जुलाई 2024 को कूहल के अस्तित्व को बरकरार रखने और अवैध कब्जा हटाने को लेकर प्रदेश उच्च न्यायालय चले गए। इस पर चले इस मामले में अब शिमला उच्च न्यायालय ने नगर निगम को निर्माण से संबंधित सभी प्रकार केअनापत्ति प्रमाण पत्र निरस्त करने, कूहल को कब्जा मुक्त करने के लिए छह सप्ताह के भीतर कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। जबकि दोनों पक्षों के साथ बातचीत कर उचित हल निकालने की बात कही है। इस मामले सेे बीपीएल से संबंधित सुदर्शना देवी को मकान बनाने में राहत पहुंची है।
- इस मामले में जल्द ही राजस्व विभाग निशानदेही करेगा। निशानदेही की रिपोर्ट के आने के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी। इसमें कितना अवैध निर्माण निकलता है उसे जल्द हटा दिया जाएगा। कूहल के अस्तित्व को दोबारा बरकरार किया जाएगा। हाईकोर्ट के आदेशों पर जल्द कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
- डॉ. आशीष शर्मा, आयुक्त, नगर निगम पालमपुर।