पालमपुर (कांगड़ा)। पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने कहा कि भारत में गरीबों की सहायता के नाम पर बनी आरक्षण व्यवस्था में उसी जाति के कुछ गरीबों से लगातार भयंकर अन्याय हो रहा है। सर्वोच्च न्यायालय ने एससी और एसटी आरक्षण से क्रीमीलेयर को बाहर करने संबंधी एक याचिका स्वीकार की है।
उन्होंने कहा कि इस याचिका को दाखिल करने वाले रामशंकर प्रजापति को बधाई दी और इस पर विचार करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय का धन्यवाद। शांता कुमार ने कहा कि एससी और एसटी वर्ग को विशेष आरक्षण दिया गया है, लेकिन उसका अधिकतर लाभ उन्हीं वर्गों के प्रभावशाली और अमीर लोग उठा रहे हैं। इन वर्गों में कुछ गरीब आज भी आरक्षण का लाभ नहीं ले पाए। कई गांवों में जहां एक ही वर्ग के परिवारों से दो-तीन आईएएस जैसे अधिकारी बन गए, वहीं उसी वर्ग के कुछ गरीब अब भी गरीबी का बोझ ढो रहे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय पहले भी सरकार को आरक्षित वर्गों में क्रीमीलेयर अलग करने का सुझाव दे चुका है। भारतीय जनता पार्टी का भी इस पर सकारात्मक रुख था, लेकिन सभी दलों के एससी-एसटी नेताओं के विरोध के कारण यह लागू नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश और राजस्थान में उनकी सरकारों के समय शुरू की गई अंत्योदय योजना से यह निर्णय अपने आप लागू हो गया था।