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Kangra News: कारोबारी का राहत, चेक बाउंस मामले में सजा और जुर्माना रद्द

Wed, 03 Jun 2026 05:57 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
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धर्मशाला। कांगड़ा के एक कारोबारी को चेक बाउंस मामले में बड़ी राहत मिली है। सत्र न्यायालय धर्मशाला ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए आरोपी को बरी कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि बैंक यह साबित करने में विफल रहा कि संबंधित चेक कानूनी रूप से देय राशि के लिए जारी किया गया था।
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कांगड़ा उपमंडल के एक व्यक्ति ने वर्ष 2020 में एक निजी बैंक से मुद्रा योजना के तहत 5.95 लाख रुपये का ऋण लिया था। बैंक का आरोप था कि ऋण अदायगी में चूक होने पर आरोपी ने 28 नवंबर 2023 को 4.37 लाख रुपये का चेक दिया था, जो पर्याप्त राशि न होने के कारण बाउंस हो गया। इसके बाद बैंक ने एनआई एक्ट की धारा 138 के तहत मामला दायर किया।
निचली अदालत (एसीजेएम कोर्ट कांगड़ा) ने आरोपी को दोषी करार देते हुए डेढ़ वर्ष के साधारण कारावास और 8.74 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। सत्र न्यायाधीश धर्मशाला चिराग भानु सिंह की अदालत ने इस फैसले को चुनौती देने वाली अपील पर सुनवाई की। अदालत ने पाया कि बैंक यह स्पष्ट नहीं कर पाया कि चेक जारी होने की तिथि पर वास्तव में कितनी राशि बकाया थी और आरोपी ने कितनी किश्तें पहले जमा कर दी थीं।
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अदालत ने टिप्पणी की कि विवादित चेक संभवतः सिक्योरिटी चेक था, जिसे बैंक ने बाद में भरकर प्रस्तुत किया। न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि चेक बाउंस का मामला तभी बनता है जब वह उस समय की वास्तविक कानूनी रूप से वसूल योग्य देनदारी को दर्शाता हो। पर्याप्त साक्ष्य न होने के चलते अदालत ने निचली अदालत की सजा और दोष सिद्धि को रद्द करते हुए आरोपी को बरी कर दिया।
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