धर्मशाला। इच्छी पंचायत के वार्ड-10 के ग्रामीण आज भी श्मशानघाट तक पहुंचने के लिए मूलभूत सुविधा से वंचित हैं। नाले के ऊपर पक्की पुलिया न होने के कारण लोगों को अंतिम संस्कार के लिए शव ले जाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
श्मशानघाट तक जाने के लिए नाले पर बांस-बल्ली की अस्थायी पुलिया बनाई गई है। यह अब और जर्जर हो चुकी है। इस खतरनाक पुलिया से ग्रामीण शव को कंधे पर उठाकर ले जाने को मजबूर हैं। श्मशानघाट के अधूरे पक्के चबूतरे भी जंगल की झाड़ियों के बीच उपेक्षित पड़े हैं।
हिमाचल रविदास महासभा के प्रधान कमल सरोच ने बताया कि इच्छी का श्मशानघाट नाले की दूसरी तरफ है। बरसात में नाला उफान पर होता है तो यह अस्थायी पुलिया बह जाती है। ऐसे में ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर नाला पार करना पड़ता है या कई किलोमीटर लंबा चक्कर लगाना पड़ता है।
कमल सरोच ने कहा कि प्रशासन से नाले पर पुलिया बनाने की कई बार मांग की लेकिन आज तक सुनवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने विजय, इंद्र, पुरुषोत्तम, उदय, महिंद्र, अजय, सुरेंद्र, प्रकाश, चंदू लाल, मदन लाल, प्रीतम चंद, प्रमोद, हरि सिह, सुखदेव, रूप चंद, स्वरूप आदि ने प्रशासन और स्थानीय विधायक से जल्द से जल्द श्मशानघाट तक पक्की पुलिया और रास्ता बनवाने की मांग की है।
ईच्छी में श्मशान घाट के लिए आज तक नहीं बना पक्का पुल। संवाद