खुंडियां (कांगड़ा)। आयुर्वेद दिवस के अवसर पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सिहोरपाईं में प्रधानाचार्य बाबू राम की अध्यक्षता में जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में आयुर्वेदिक फार्मेसी अधिकारी तरसेम लाल ने विद्यार्थियों और ग्रामीणों को औषधीय वनस्पतियों की पहचान, उपयोगिता और संरक्षण के प्रति जागरूक किया।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश औषधीय संपदा से समृद्ध है लेकिन इनका अनियंत्रित दोहन जैव विविधता के लिए घातक सिद्ध हो सकता है। उन्होंने घरों में औषधीय पौधे रोपने, स्कूलों में हर्बल गार्डन बनाने और स्थानीय नर्सरी तैयार करने पर बल दिया। साथ ही आगाह किया कि बिना विशेषज्ञ की सलाह के औषधीय पौधों का सेवन न करें। संवाद