नूरपुर(कांगड़ा)। बीते करीब दो सप्ताह से नूरपुर शहर में जल संकट पैदा हो गया है। वहीं, वीरवार को शहर में पानी की किल्लत के चलते करंट लगने से 24 वर्षीय युवक की मौत से लोगों में जल शक्ति विभाग के प्रति आक्रोश है। विभाग अभी तक भी बारिश और भूस्खलन के चलते प्रभावित पेयजल आपूर्ति को बहाल करने में नाकाम साबित हुआ है।
पिछले दो हफ्तों से नलों में पानी नहीं आ रहा हैं। हालात यह हैं कि महिलाएं बरसात का पानी जमा करने को मजबूर हैं और कई परिवार बाजार से पीने के लिए बोतलों का पानी खरीदने पर मजबूर हो गए हैं। साथ ही दैनिक जरुरतों को पूरा करने के लिए पानी के टैंकर मंगवा रहे हैं। इस बीच शुक्रवार को स्नेरा रोड पर भारी स्लिप गिरने से नई डाली गई पाइपलाइन फिर से टूट गई। इससे पूरी शहर की सप्लाई बाधित हो गई। उधर, पूर्व विधायक अजय महाजन और वन विभाग के डायरेक्टर योगेश महाजन मौके पर पहुंचे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि शाम तक सप्लाई बहाल नहीं होती तो हर वार्ड में टैंकरों के जरिये पानी उपलब्ध करवाया जाएगा। वहीं अस्पताल में भी वैकल्पिक पानी की व्यवस्था की जा रही है। जेई कमलजीत और एसडीओ महिंद्र सिंह की अगुवाई में जेसीबी मशीन लगाकर मलबा हटाने और पाइपलाइन जोड़ने का काम युद्धस्तर पर जारी है। उधर, नूरपुर सुधार सभा के प्रधान प्रमोद महाजन ने कहा कि संबंधित विभाग शहर में पेयजलापूर्ति बहाल करने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है। अगर सुबह तक सप्लाई सुचारु नहीं हुई तो शहरवासियों को विभाग के कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
लगातार पहाड़ी दरकने से पाइपलाइन टूट रही है। फिलहाल टैंकरों से सप्लाई दी जा रही है और जहां जरूरत होगी, वहां तुरंत पानी का टैंक भेजा जाएगा।
-आनंद बलौरिया, अधिशासी अभियंता, जल शक्ति विभाग मंडल नूरपुर
अगर शुक्रवार शाम तक सप्लाई बहाल नहीं हुई तो हर वार्ड में पानी के टैंकर भेजे जाएंगे। अस्पताल में भी लगातार पानी की व्यवस्था की जा रही है।
-अजय महाजन, पूर्व विधायक नूरपुर