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जिला में हुई बारिश से किसान-बागवानों की फसलों को मिली संजीवनी

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धर्मशाला की धौलाधार पहाड़ियों पर मंगलवार को जारी हिमपात का नजारा। संवाद - फोटो : Kangra
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धर्मशाला/मुल्थान/जसूर/पालमपुर(कांगड़ा)। जिला कांगड़ा में सोमवार देर रात बारिश और पहाड़ों में हिमपात से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। वहीं इस बारिश को फसलों के लिए भी संजीवनी माना जा रहा है। खासकर चंगर क्षेत्र में होने वाली मक्की की बिजाई के लिए यह बारिश बहुत अच्छी हुई है। अब किसान मक्की की बिजाई कर सकते हैं।
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साथ ही बारिश से तापमान में भी पांच से छह डिग्री तक कमी आई है। कृषि और उद्यान विभाग ने भी इस बारिश को अच्छा माना है। बारिश से किसान खुश नजर आ रहे है। मक्की की बिजाई से लेकर हरी सब्जियों, आम, लीची जैसे फलदार पौधों के लिए भी इस बारिश ने संजीवनी का काम किया है। पलम क्षेत्र में इस समय धान की पनीरी का समय चल रहा है। धान की पनीरी के लिए यह बारिश अच्छी है। इसके अतिरिक्त दुर्गम क्षेत्र मुल्थान में भी सोमवार देर रात से लेकर मंगलवार दोपहर तक जमकर मेघ बरसे। इससे बड़ा भंगाल का 18 हजार ऊंचाई पर स्थित थमसर जोत फिर से बंद हो गया है। पन्यारटू, जोहडी, बक्रक्याडा, मुरालाधार में 8 से 15 सेंटीमीटर तक ताजा हिमपात हुआ है। इससे निचले क्षेत्रों में भी ठिठुरन बढ़ गई है। धौलाधार की पहाड़ियों पर बर्फबारी हुई है।
नूरपुर में आंधी ने पहुंचाया आम की फसल को नुकसान
उपमंडल नूरपुर क्षेत्र में आम की फसल को बीती रात चली आंधी ने भारी नुकसान पहुंचाया है। क्षेत्र के विभिन्न जगहों पर आम के बगीचों में फलों के ढेर लगे हैं। बागवानों को उम्मीद थी कि भारी मात्रा में फसल होगी। लेकिन मई माह में क्षेत्र में पड़ी भीषण गर्मी के कारण आम झड़ रहा था। वहीं बीते सप्ताह और सोमवार रात को आंधी फल को भारी नुकसान पहुंचाया है।
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किसान बोले-राहत की फुहार बनकर बरसे मेघ
किसान श्याम लाल ने बताया कि मई माह में मेघ राहत की फुहार बनकर बरसे हैं। इस बारिश के कारण लोग अब आराम से मक्की की बिजाई कर सकते हैं।
किसान लक्ष्मण सिंह ने बताया कि काफी समय से फसलों पर सूखे की मार पड़ रही थी। लेकिन अब बारिश होने से सूखा समाप्त हो गया है। इससे बिजाई के काम में आसानी होगी।
किसान श्याम लाल ने बताया कि बीते तीन दिनों से हो रही बारिश किसानों की फसलों सहित हरी सब्जियों के लिए संजीवनी का काम करेंगी। हीरालाल ने बताया कि भीषण गर्मी के कारण सूखा पड़ने के कारण बागवानी करने वाले बागवानों को चिंता सता रही थी। लेकिन, अब पूरी तरह इस बारिश से सूखा समाप्त हो गया है।
कोट्स
जिला कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. राहुल कटोच ने कहा कि यह बारिश हर फसल के लिए अच्छी है। उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि वह मक्की की बिजाई करें। जिन किसानों ने मक्की की बिजाई कर दी है, वह इसकी निराई-गुड़ाई करें। सब्जियों की भी गुड़ाई कर सकते हैं।
जिला उद्यान विभाग के उपनिदेशक डॉ. कमलशील नेगी ने बताया कि यह बारिश बागवानी की दृष्टि से संजीवनी है। ऐसे में अब बागवान अपने फलदार पौधों में 4-6 इंच की मोटी सूखे घास के पलवार बिछाएं, जिससे पौधों में पानी संरक्षित रहे।
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