खेताें में किसानाें की ओर से बारिश से बचाने के लिए ढक कर रखी गई पराली।
कांगड़ा। क्षेत्र में लगातार हाे रही बारिश ने किसानाें की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। धान की फसल खराब हाेने की कगार पर पहुंच गई है। खेताें में काट कर रखी गई धान की फसल खराब हाे रही है। कुछ किसानाें ने अपनी कुछ फसल की थ्रेसिंग ताे कर ली है, मगर उसकी पराली वहीं खेताें में बारिश के पानी से भीग रही है। अगर बारिश का दाैर ऐसे ही चलता रहा ताे आने वाले समय में जाे खड़ी फसल है, वाे भी खराब हो जाएगी। किसानों राम स्वरूप, मनाेज कुमार, पृथ्वी चंद, किशाेरी लाल, अमरीक सिंह और सूरज कुमार का कहना है कि धान की फसल पककर तैयार है, बस कटाई बाकी रही है। लगातार बारिश से खेतों में पानी जमा हो गया है। कुछ खेतों में ट्रैक्टर नहीं पहुंचने के कारण किसान फसल की थ्रेसिंग नहीं कर पा रहे हैं। किसानाें का कहना है कि हर वर्ष किसी न किसी रूप में मौसम किसानाें की मेहनत पर पानी फेर देता है। सरकार को फसल बीमा और मुआवजा योजनाओं को तेजी से लागू करना चाहिए। इसके साथ ही अगर बारिश ऐसी रही ताे धान की खड़ी फसल काे नुकसान हाेना शुरू हाे जाएगा और धान की बालियां झड़ना शुरू हो जाएंगी।
दो दिन बारिश से जिले में 14 सड़कें बंद
धर्मशाला। जिला कांगड़ा में पिछले दो दिनों से लगातार बारिश हो रही है। बारिश से कांगड़ा की 14 सड़कें बंद हैं। इनमें धर्मशाला की तीन सड़कें, शाहपुर की पांच, कांगड़ा की एक, नगरोटा-बगवां की एक और पालमपुर की चार सड़कें बंद हैं। इसके अलावा कुछ ऐसी सड़कें भी हैं, जिनमें पानी भरने और कीचड़ के कारण वाहनों का निकलना मुश्किल हो गया है। लोक निर्माण विभाग उत्तरी क्षेत्र के मुख्य अभियंता विकास सूद ने बताया कि जिला में 14 सड़कें बंद हैं। मौसम साफ होते ही इन सड़कों को खोल दिया जाएगा। संवाद