धर्मशाला। ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से संचालित की जा रही योजनाओं एवं कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में तत्परता के साथ कार्य करने वाले विकास खंडों को प्रत्येक त्रैमासिक बैठक में सम्मानित किया जाएगा, ताकि अन्य विकास खंडों के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी बेहतरीन कार्य करने की प्रेरणा मिल सके और निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्व पूरा किया जा सके। यह जानकारी उपायुक्त डा निपुण जिंदल ने मंगलवार को उपायुक्त कार्यालय परिसर के सभागार में ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। डीसी ने कहा कि कांगड़ा जिले में आपदा प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा के तहत 45 सूचीबद्व पुनरुद्धार कार्यों के लिए 185 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। मानसून सीजन में भारी बारिश के कारण आपदा आने पर सरकार ने पंचायतों-गांवों में अधिक से अधिक पुनरुद्धार कार्य मनरेगा के तहत करने के निर्देश दिए थे, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे को पुनः विकसित किया जा सके। कांगड़ा जिला की 15 विकास खंडों में आपदा से प्रभावित 13350 कार्यों की सूची भेजी गई थी, जिसे स्वीकृति प्रदान की गई है।
डीसी ने विकास खंड अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि योजना विभाग के अंतर्गत विभिन्न स्कीमों के तहत स्वीकृत कार्यों के लिए पंचायतों को तुरंत फंड जारी करें, ताकि विकास कार्यों को अबिलंब आरंभ किया जा सके और समय पर पूरा किया जा सके। जो कार्य अभी तक आरंभ नहीं हुए हैं उनकी रिपोर्ट भी प्रेषित की जाए। 15वें वित्तायोग के तहत पंचायत स्तर पर चल रहे विकास कार्यों को जल्द पूरा करने के भी निर्देश दिए। जिन कार्यों के लिए धनराशि आवंटित की गई है और अभी तक निर्माण कार्य आरंभ नहीं हुए हैं उसकी भी विस्तृत रिपोर्ट शीघ्र तैयार करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने विकास खंड अधिकारियों को अपने अपने क्षेत्रों में निर्माणाधीन अमृत सरोवरों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं।