धर्मशाला-मैक्लोडगंज बाईपास रोड़ पर लगाया क्रेटवर्क डंगा में नजर आती दरारें। स्रोत: जागरूक पाठक
धर्मशाला। नगर निगम धर्मशाला के पूर्व पार्षद वीरेंद्र सिंह परमार ने धर्मशाला-मैक्लोडगंज बाईपास रोड पर चल रहे सुरक्षा कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले साल जून में हुए भारी भूस्खलन के बाद करोड़ों रुपये की लागत से यहां डंगे (रिटेनिंग वॉल) लगाने का काम एनएच विभाग की देखरेख में ठेकेदार की ओर से किया गया। अब धरातल पर स्थिति यह है कि काम की गुणवत्ता के साथ खिलवाड़ दिख रहा है।
क्रेटवर्क से डंगे तो खड़े कर दिए गए, लेकिन फाइनल फिनिशिंग और मजबूती के काम में सिर्फ लीपापोती की गई है। दो सप्ताह पूर्व ही यह कार्य पूरा हआ है लेकिन अभी से डंगे में दरारें दिखने लगी हैं।
उन्होंने कहा कि पिछली बार भूस्खलन का मुख्य कारण पानी की निकासी न होना था। इस बार भी ड्रेनेज की मरम्मत पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। क्या प्रशासन फिर से बरसात आने और सड़क के आठ महीने तक बंद होने का इंतजार कर रहा है? ऊपर सुधेड़ क्षेत्र में जो मिट्टी फेंकी गई है, वह बारिश होने पर नीचे बहकर जान-माल का भारी नुकसान कर सकती है।
प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि तुरंत इस कार्य का उच्च स्तरीय निरीक्षण किया जाए। यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ, तो होने वाले किसी भी जान-माल के नुकसान की जिम्मेदारी विभाग और ठेकेदार की होगी। ब्यूरो