बंद रूटों पर निजी बस सेवा शुरू करने के लिए उपमंडल समिति देगी सुझाव
एचआरटीसी ने प्रदेशभर में घाटे का तर्क देकर सरेंडर किए 422 विभिन्न बस रूट
सरेंडर रूटों पर निजी बस ऑपरेटरों की सेवाएं लेने की तैयारी
रूट सरेंडर करने से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को हो रही आवजाही में परेशानी
प्रवीण प्रकाश कुमार
धर्मशाला। प्रदेशभर में हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के बंद पड़े रूटों पर अब जल्द निजी बसें दौड़ती नजर आएंगी। प्रदेश सरकार के निर्देश पर परिवहन विभाग ने इस दिशा में प्रक्रिया शुरू कर दी है।दरअसल, घाटे का हवाला देते हुए एचआरटीसी ने हाल ही में करीब 422 बस रूटों को बंद कर दिया था। इन रूटों पर बस सेवा ठप पड़ने से खासकर ग्रामीण इलाकों के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एचआरटीसी प्रबंधन का कहना है कि स्कूली बस पास और महिलाओं को किराये में दी जा रही छूट के कारण कई रूटों पर आय घटकर 30 रुपये प्रति किलोमीटर से भी कम रह गई है।
कई मार्गों पर तो डीजल का खर्च तक नहीं निकल पा रहा था। ऐसे में निगम को मजबूरन इन घाटे वाले रूटों को बंद करना पड़ा। अब सरकार चाहती है कि आम जनता को फिर से राहत मिले। इसके लिए उपमंडल स्तरीय बस रूट निर्धारण समितियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्रों से जुड़ी जानकारी और सुझाव जिला स्तरीय समिति को भेजें। इसके बाद क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) की बैठक में इन रूटों को निजी बस संचालन के लिए स्वीकृत किया जाएगा। अगर सब कुछ योजना के मुताबिक चला, तो नववर्ष से पहले ही बंद रूटों पर निजी बस सेवाएं शुरू हो जाएंगी। इससे लोगों को न केवल यात्रा में राहत मिलेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
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धर्मशाला में हुआ बैठक का आयोजन: एसडीएम
उपमंडल स्तरीय बस रूट निर्माण समिति धर्मशाला की एक अहम बैठक मंगलवार को समिति अध्यक्ष एवं एसडीएम मोहित रत्तन की अध्यक्षता में हुई। एसडीएम ने कहा कि इस बैठक में बीडीओ धर्मशाला, लोनिवि के अधिकारी, एचआरटीसी के आरएम और पंचायत प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में बंद बस रूटों पर निजी बस सेवाएं शुरू करने को मंजूरी प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि जल्द ही मिनट्स ऑफ मिटिंगस जिला स्तरीय समिति के पास भेज दिए जाएंगे।
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एचआरटीसी के बंद रूटों पर जल्द ही निजी बस सेवाएं शुरू की जाएंगी। इसके लिए उपमंडल स्तरीय बस रूट निर्धारण समिति को बैठक का आयोजन कर जिला स्तरीय समिति के पास सुझाव भेजने होंगे। लोगों को जल्द ही परिवहन सुविधाएं मिलेंगी।
-मुनीष सोनी, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, कांगड़ा।
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