धर्मशाला। दीपावली नजदीक आते ही बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। पटाखों और सजावटी सामान की दुकानों पर खरीदारी शुरू हो गई है। इस बार आतिशबाजी और सजावट के लिए लोगों को अधिक पैसे खर्च करने पड़ेंगे।
बाजार में पटाखों के दाम पिछले साल के मुकाबले 20 से 30 फीसदी तक बढ़ गए हैं। कच्चे माल और परिवहन लागत में इजाफा इसकी मुख्य वजह है। नामी कंपनियों के पटाखों के दाम भी बढ़े हैं। घरों को सजाने वाले सामान की कीमतों में 10 से 20 रुपये प्रति वस्तु की बढ़ोतरी हुई है। मोमबत्तियों के दाम 10 से 20 फीसदी तक बढ़ गए हैं।
केवल ग्रीन पटाखे, रात आठ से 10 बजे तक ही अनुमति
पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन ने केवल क्यूआर कोड प्रमाणित ग्रीन पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल की मंजूरी दी है। दिवाली और अन्य पर्वों पर लोग केवल रात आठ बजे से दस बजे तक ही आतिशबाजी कर सकेंगे। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर प्रशासन नियमानुसार कार्रवाई करेगा।
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क्या कहते हैं कारोबारी
नामी कंपनियों के पटाखे हमेशा कुछ फीसदी तक महंगे होते हैं। ब्रांडेड कंपनियां हर साल दाम 20 से 30 फीसदी बढ़ाती हैं। इसलिए इस साल भी कीमतें बढ़ी हैं। -रोबिन, कारोबारी, धर्मशाला
जिले में केवल ग्रीन पटाखों की मांग है। सामान्य पटाखों के मुकाबले ग्रीन पटाखों की तकनीक अलग होने के कारण यह थोड़े महंगे होते हैं। इसके बावजूद उम्मीद है कि दिवाली पर अच्छी खरीदारी होगी। -लक्की, कारोबारी, रैहन
हर साल पटाखों का स्टॉल लगाते हैं। शुरुआती दिनों में बाजार थोड़ा शांत रहता है लेकिन धनतेरस और दिवाली के पास बिक्री में तेजी आती है। हर साल की तरह इस साल भी पटाखों में 20 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है। -सोनू, कारोबारी, जवाली
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पटाखों के दामों में बढ़ोतरी
पटाखे पिछले साल का दाम इस साल का दाम
फुलझड़ी 10-220 20-300
अनार 80-400 120-500
चकरी 80-250 100-300
रॉकेट 150- 850 200-1000
स्काई शॉट 150-500 200-700
पॉप-पॉप 20-50 30-70