धर्मशाला में मांगों को लेकर रैली निकालते एबीवीपी के कार्यकर्ता। - स्रोत : संगठन
धर्मशाला। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला इकाई ने सोमवार को धरना-प्रदर्शन कर विश्वविद्यालय प्रशासन और प्रदेश सरकार को चेताया। इस दौरान एबीवीपी की प्रदेश मंत्री नैंसी अटल ने कहा कि छात्र संघ चुनाव अब और टालना विद्यार्थियों के अधिकारों का हनन है।
विद्यार्थी परिषद की मांग है कि पैनल प्रक्रिया के तहत शीघ्र छत्र संघ चुनाव करवाए जाएं। उन्होंने कहा कि छात्र संघ लोकतंत्र की पहली पाठशाला है और छात्रों को अपने प्रतिनिधि चुनने का अधिकार मिलना ही चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि चाहे प्रदेश का कोई भी विश्वविद्यालय हो या केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला, चुनाव बहाली से कोई समझौता नहीं होगा।
नैंसी ने कहा कि पिछले वर्ष भी विश्वविद्यालय प्रशासन ने चुनाव करवाने से इंकार किया था, जबकि विद्यार्थी परिषद लगातार चुनाव की मांग उठाती रही है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि 2009 में स्थापित केंद्रीय विश्वविद्यालय आज भी अपने स्थायी भवन से वंचित है और अब छात्र संघ चुनाव भी नियमित रूप से नहीं करवाए जा रहे। इससे साफ है कि प्रशासन कहीं न कहीं प्रदेश सरकार के दबाव में काम कर रहा है।
धरना-प्रदर्शन के उपरांत एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कुलपति को ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही पैनल प्रक्रिया द्वारा चुनाव घोषित नहीं किए गए, तो विद्यार्थी परिषद आंदोलन को और उग्र रूप देगी। परिषद ने कहा कि छात्रहितों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर पूरे प्रदेश में व्यापक आंदोलन खड़ा किया जाएगा।