नगरोटा बगवां (कांगड़ा)। राजकीय महाविद्यालय नगरोटा बगवां में ईको क्लब की ओर से वनस्पति विज्ञान प्रयोगशाला में पोस्टर व कोलाज निर्माण प्रतियोगिता करवाई गई। इसमें 25 विद्यार्थियों ने भाग लिया। बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा रिचा और बीएससी तृतीय वर्ष की छात्रा रिशिता ने ओजोन परत के महत्व, क्षरण के कारणों और संरक्षण के उपायों पर प्रस्तुति दी।
इसके बाद रिचा ने त्वरित प्रश्नोत्तरी भी कराई। प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र सोनी, प्रो. संजय शर्मा, डॉ. मंजीत सिंह और प्रो. ऋषि दिलवारिया ने क्लब इंचार्ज प्रो. निपुणिका को सफल आयोजन की बधाई दी।
डीएवी स्कूल नरवाना (धर्मशाला): राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय एवं प्रयोगशाला की ओर से जागरूकता कार्यक्रम हुआ। विद्यार्थियों के लिए पेंटिंग और निबंध लेखन प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।
वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी आरके अवस्थी ने बताया कि ओजोन परत पराबैंगनी किरणों से पर्यावरण व मानव स्वास्थ्य की रक्षा करती है। अंत में सभी को ओजोन संरक्षण की शपथ दिलाई गई। एमसीएम डीएवी कॉलेज कांगड़ा: रसायन विज्ञान विभाग ने पोस्टर प्रेजेंटेशन प्रतियोगिता करवाई जिसमें 28 विद्यार्थियों ने भाग लिया।
निर्णायक डॉ. यांचेन डोलमा के मूल्यांकन के आधार पर एमएससी प्रथम सेमेस्टर की रिशिका व अंजलि ने प्रथम, एमएससी तृतीय सेमेस्टर की अंकिता नाइक, बीएससी प्रथम वर्ष की अदिति सोहल व सूर्यांश गुलेरिया ने द्वितीय तथा अपूर्वा, हिमांशी व वंशिका ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्राचार्य डॉ. बलजीत सिंह पटियाल ने विजेताओं को पुरस्कृत कर बधाई दी।
पं. सुशील रतन कॉलेज ज्वालामुखी: विज्ञान विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में प्रधानाचार्य डॉ. चंदन भारद्वाज ने विद्यार्थियों को ओजोन क्षरण रोकने के उपाय बताए। प्रतियोगिता में अर्शिता ने पावरपॉइंट प्रस्तुति और किरण ने पोस्टर मेकिंग में प्रथम स्थान हासिल किया।
श्री बालाजी नर्सिंग कॉलेज कांगड़ा: संस्थान में जागरूकता सत्र और पौधरोपण हुआ। मुख्य वक्ता जेएसओ डॉ. अजय, जेएसओ पूजा कौंडल और एसएलए पवन ठाकुर ने सीएफसी-एचएफसी गैसों का उत्सर्जन घटाने और पर्यावरण-अनुकूल आदतें अपनाने का आह्वान किया।