बैजनाथ (कांगड़ा)। बीड़ बिलिंग में लावारिस पशु के कारण हादसे का शिकार होते बाल-बाल बचे पायलट और पर्यटक के मामले में पायलटों ने विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। पायलटों का आरोप है कि साडा के तहत प्रति उड़ान 75 रुपये वसूले जाते हैं, लेकिन इसके बदले उन्हें सुरक्षा और सुविधाओं के नाम पर कुछ भी नहीं मिल रहा।
लैंडिंग साइट पर सुरक्षा के लिए कोई ठोस इंतजाम नहीं किए गए हैं। लैंडिंग साइट पर मार्शल तो तैनात हैं, लेकिन उनकी ड्यूटी अधिकांश टेकऑफ प्वाइंट तक सीमित रहती है। इसके परिणामस्वरूप लैंडिंग साइट पर अकसर पार्किंग की अव्यवस्था रहती है और लावारिस पशु घूमते रहते हैं, जो हादसों का कारण बन सकते हैं। पायलटों ने साडा के अध्यक्ष और एसडीएम से इस मामाले में उचित कार्रवाई का आग्रह किया है। उधर, एसडीएम संकल्प गौतम ने बताया कि अधिकांश मार्शल की ड्यूटी टेक ऑफ प्वाइंट पर रहती है। बमार्शल की संख्या बढ़ाई जाएगी और पुलिस के सहयोग से वाहनों की गलत पार्किंग पर नजर रखी जाएगी और लावारिस पशुओं के लैंडिंग साइट में न आने के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे।