इस साल इन्वेस्टमेंट फ्रॉड के 12 मामलों में सवा नौ करोड़ की ठगी
फर्जी ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट एप पर राशि लगाकर दोगुना लाभ का दिया जा रहा झांसा
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मशाला। कम समय में दोगुना मुनाफे का लालच लोगों पर भारी पड़ रहा है। शातिरों के झांसे में आकर लोग अपनी जमा पूंजी भी गंवा रहे हैं। सोशल मीडिया पर लुभावने स्टॉक ट्रेडिंग और ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट विज्ञापनों के झांसे में आने से ठगी के मामले बढ़ रहे हैं। पूर्व में शातिर ठगी के लिए डिजिटल अरेस्ट, फर्जी बिल, चालान के अलावा अन्य हथकंडों से ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे, लेकिन जागरूकता के चलते इन मामलों में कुछ हद तक रोक लगी है। अब शातिर लोगों में कम समय में ज्यादा पैसा कमाने के लालच को हथियार बनाकर इन्वेस्टमेंट के नाम पर अपने झांसे में लेकर लाखों रुपये की ठगी कर रहे हैं।
इस वर्ष की बात करें तो अब तक इन्वेस्टमेंट फ्रॉड के 12 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें 9.26 करोड़ की ठगी की गई। फर्जी ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट एप पर लोगों की राशि लगाकर ठग उन्हें राशि को दोगुना होने का झांसा देते रहते हैं। इसमें व्यक्ति के फर्जी अकाउंट में यह राशि दर्शाई भी जाती है, लेकिन इसकी निकासी के दौरान टैक्स भरने का हवाला ठगों की ओर से दिया जाता है। एप से राशि ट्रांसफर न होने के दौरान ही लोगों को ठगी का अहसास होता है। हाल ही में सामने आए मामलों में जांच के दौरान इन तथ्यों की पुष्टि हुई है।
पिछले माह ही सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी से एक करोड़ की ठगी में भी शातिरों ने उनकी स्ट्रॉक ट्रेडिंग के प्रति दिलचस्पी को देखते हुए अपने झांसे में लिया था। राशि निकालने के लिए 25 लाख रुपये टैक्स भरने के लिए इस राशि को अलग से जमा करवाने की बात पर उन्हें ठगी का अहसास हुआ था। उधर, एएसपी साइबर क्राइम पुलिस थाना धर्मशाला प्रवीण धीमान ने बताया कि इस वर्ष ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट फ्रॉड के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। कम समय में दोगुना राशि का लालच लोगों को भारी पड़ रहा है। थाना में दर्ज मामलों में करीब दो करोड़ की राशि होल्ड भी करवाई गई है। जागरूकता के बावजूद लोग ठगों के झांसे में आकर अपनी मेहनत की कमाई गंवा रहे हैं। ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट के लिए सोशल मीडिया पर आने वाले लिंक पर भरोसा नहीं करना चाहिए। कम समय में दोगुणा लाभ देने वाले ऐसे प्लेटफार्म फर्जी होते हैं।