मांगें पूरी न होने पर संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर होगा प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर प्रदेशभर के पेंशनर 16 मार्च को सभी जिला मुख्यालयों में धरना-प्रदर्शन और रैलियां निकालेंगे। समिति के राज्य अध्यक्ष सुरेश ठाकुर ने शनिवार को प्रेस को जारी बयान में यह बात कही।
उन्होंने कहा कि 5 मार्च को मंडी के सुंदरनगर में आयोजित प्रदेश स्तरीय बैठक में 18 बड़े विभागों के संगठनों ने यह निर्णय लिया था। समिति ने मुख्यमंत्री और सरकार को 10 दिन का नोटिस देकर मांग की थी कि 14 सूत्रीय मांगपत्र में शामिल सभी लंबित मांगों को 15 मार्च 2026 से पहले स्वीकार किया जाए। साथ ही शिष्टमंडल को बातचीत के लिए बुलाया जाए। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो 16 मार्च को प्रदेशभर में आंदोलन किया जाएगा।
सुरेश ठाकुर ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार और मुख्यमंत्री पेंशनरों से न तो बातचीत कर रहे हैं और न ही उनकी लंबित मांगों पर कोई निर्णय ले रहे हैं। 28 नवंबर 2025 को धर्मशाला में प्रदेशव्यापी धरना-प्रदर्शन और रैली आयोजित की थी। उस समय मुख्यमंत्री ने विधानसभा में समिति के 45 पदाधिकारियों के शिष्टमंडल को बुलाकर आश्वासन दिया था कि विधानसभा सत्र समाप्त होने के एक सप्ताह के भीतर बातचीत के लिए आमंत्रित किया जाएगा, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई पहल नहीं हुई।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 21 मार्च को विधानसभा में पेश होने वाले वर्ष 2026-27 के बजट में पेंशनरों की मांगों के लिए कोई प्रावधान नहीं किया, तो 30 मार्च को शिमला में विशाल रैली निकाली जाएगी और विधानसभा का घेराव भी किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर वित्तीय संकट का हवाला दे रही है, जबकि दूसरी ओर विभिन्न बोर्डों और निगमों में चेयरमैन-सलाहकारों की नियुक्तियां, विधायकों-मंत्रियों और मुख्यमंत्री के वेतन में 40 फीसदी की बढ़ोतरी, अधिकारियों-कर्मचारियों को सेवा विस्तार देने जैसे फैसले किए जा रहे हैं।
पेंशनरों की मांगें उनका अधिकार है, जिन्हें उन्होंने सेवा के दौरान अर्जित किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में आंदोलन की तैयारियां पूरी कर ली हैं। उन्होंने सभी पेंशनरों से अपील की कि वे अपने-अपने जिलों में बड़ी संख्या में एकत्र होकर शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन को सफल बनाएं, जिससे सरकार तक उनकी आवाज पहुंच सके।