धर्मशाला में छाता लेकर बारिश के बीच मांगों के समर्थन में रैली निकालते पेंशनर। -अमर उजाला
धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले सोमवार को धर्मशाला में पेंशनरों ने भारी बारिश के बीच प्रदेश सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। डीसी कार्यालय के बाहर एकत्रित हुए पेंशनरों ने संशोधित ग्रेच्युटी, कम्यूटेशन और लीव इनकैशमेंट का भुगतान न होने पर रोष प्रकट करते हुए जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व समिति के राज्य चेयरमैन सुरेश ठाकुर और जिला संयोजक रविंद्र सिंह राणा ने किया। उन्होंने कहा कि जनवरी 2016 से जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को अब तक संशोधित ग्रेच्युटी, कम्यूटेशन और लीव इनकैशमेंट का भुगतान नहीं किया गया है। छठे वेतन आयोग के एरियर की शेष राशि और 13 फीसदी महंगाई भत्ते का भुगतान भी लंबे समय से लटका हुआ है।
पेंशनरों ने कहा कि सरकार आर्थिक तंगी का हवाला देकर उनके सांविधानिक वित्तीय लाभों को रोक रही है, जबकि सरकारी फिजूलखर्ची और अनावश्यक खर्चों पर कोई लगाम नहीं है। उन्होंने चिकित्सा बिलों के भुगतान में हो रही देरी पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कई पेंशनर गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। इलाज पर लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद उन्हें रिफंड नहीं मिल रहा है।
पेंशनरों ने मांग की कि उन्हें हिमकेयर जैसी कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलना चाहिए। समिति ने एचआरटीसी पेंशनरों को हर माह की पहली तारीख को नियमित पेंशन देने की मांग उठाई। साथ ही पुलिस पेंशनरों के बच्चों को सेना की तर्ज पर शिक्षण संस्थानों और सरकारी सेवाओं में आरक्षण व अन्य सुविधाएं प्रदान करने की बात भी कही गई।
रैली और प्रदर्शन के उपरांत पेंशनरों के प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। सुरेश ठाकुर ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही इन मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाए तो प्रदेश भर के पेंशनर आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि जिन कर्मचारियों ने 30 से 40 वर्षों तक पूरी निष्ठा के साथ प्रदेश की सेवा की, आज उन्हें अपने हक के लिए बुढ़ापे में सड़कों पर उतरना पड़ रहा है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।