राजा का तालाब (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड पेंशनर फोरम जवाली के सदस्यों में महंगाई भत्ता कम करने को लेकर भारी रोष है। पेंशनरों का कहना है कि सरकार ने केंद्र के 4 प्रतिशत के मुकाबले सिर्फ 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता जारी कर उनके साथ सीधी नाइंसाफी की है।
इसी मुद्दे को लेकर मैरा में शनिवार को यूनिट प्रधान राम लुभाया की अध्यक्षता में फोरम की बैठक आयोजित हुई, जिसमें सरकार और बोर्ड प्रबंधन के खिलाफ कड़ा विरोध जताया गया। बैठक की शुरुआत 75 वर्ष पूर्ण करने पर पेंशनर जगदीश लाल को शाल, टोपी और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित करने से हुई।
बैठक में फोरम के राज्य उपाध्यक्ष पवन मोहल ने कहा कि 15 अक्तूबर 2025 को जारी किए गए तीन प्रतिशत महंगाई भत्ते के आदेश गलत हैं। केंद्र सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों को 4 प्रतिशत भत्ता दे रही है, लेकिन प्रदेश सरकार ने इसे घटाकर 3 प्रतिशत कर दिया है, जो पेंशनरों के हितों के विपरीत है। उन्होंने लंबित महंगाई भत्ता तुरंत जारी करने की मांग की।
मोहल ने यह भी आरोप लगाया कि मार्च 2024 के बाद से रिटायर कर्मचारियों को लीव इनकैशमेंट और ग्रेच्युटी की भुगतान नहीं मिल पाई है, जिससे पेंशनरों में गहरा रोष है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि वित्तीय लाभ शीघ्र जारी नहीं किए गए, तो विद्युत बोर्ड पेंशनर फोरम आंदोलन का रास्ता अपनाने को बाध्य होगा।
बैठक में सुखदेव धीमान, अजय धीमान, प्रेम सिंह, यूनिट कोषाध्यक्ष रोशन चौधरी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष कमल ठाकुर, रिटायर्ड एसडीओ कृष्ण धीमान, चैन सिंह पठानिया सहित अनेक पेंशनर मौजूद रहे।